शिक्षक दिवस पर दोहे | Shikshak Diwas Par 10 Dohe

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शिक्षक दिवस पर दोहे

शिक्षक दिवस पर दोहे

शिक्षक के ही ज्ञान से, मिले हमें पहचान।
जीवन में आगे बढ़ें, सबका मिले सम्मान।।

सारे संशय दूर कर, देता ज्ञान प्रकाश।
जीवन होता सरल है, द्वेष भाव का नाश।।

क्षमता उसकी ही बढ़े, शिक्षक जिसके पास।
मंजिल उसको प्राप्त हो, रहता है विश्वास।।

शिक्षक जीवन का हमें, समझाते हैं सार।
सार्थक करते जिंदगी, भवसागर हो पार।।

कृष्णा बनकर सारथी, अर्जुन को दें ज्ञान।
शिक्षक बन समझा रहे, होता कर्म महान।।

बिन शिक्षा बनता नहीं, जग में कोई महान।
शिक्षक ही है डालता, मृत सपनों में जान।।

शिक्षक का यह लक्ष्य है, बने सफल हर शिष्य।
सुंदर बने समाज यह, सुंदर बने भविष्य।।

शिक्षक की शिक्षा रहे, सारा जीवन साथ।
उनके चरणों में सदा, रखना अपने माथ।।

परोपकारी भावना, दया उनका स्वभाव।
शिक्षक ऐसी है दवा, भर देते हर घाव।।

बिन शिक्षक जीवन रहे, बिना चेतना गात।
टहनी से रहते अलग, जैसे टूटे पात।।

इस दोहा संग्रह का विडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें :-

पढ़िए :- शिक्षक दिवस पर कविता “शिक्षा का दीप जलाता शिक्षक”


सारिका अग्रवालयह कविता हमें भेजी है सारिका अग्रवाल जी ने जो कि बिरतामोड, नेपाल  में रहती हैं।

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