ईश्वर भक्ति पर कविता – आप यहां आप वहां | Bhakti Kavita
प्रभु की महिमा का गुणगान करती हुयी ( Ishwar Bhakti Kavita In Hindi ) ईश्वर भक्ति पर कविता " आप यहां आप वहां " :- ईश्वर भक्ति पर कविता आप यहां, आप वहां, सर्वत्र ही आप हैं। आप ही, तो युग आत्मा का, सच्चा प्यार हैं।। आप करुणा, सहानुभूति, सृष्टि…

