बिटिया रानी पर कविता | Bitiya Rani Par Kavita
हंसराज जी की " बिटिया रानी पर कविता " :- बिटिया रानी पर कविता बेटी है घर की शान,बेटी के बिना घर वीरान। बेटी में ही रचा है ज़हान,बेटी जब ही तो है महान। बेटी हो कितनी ही पराई,बेटी है मां की परछाई। बेटी करे आज आह्वान,बेटी सब बने विद्धवान।…

