होलिका दहन पर कविता | Holika Dahan Par Kavita
आप पढ़ रहे हैं होलिका दहन पर कविता :- होलिका दहन पर कविता हर साल मुझकों जलाने का अर्थ क्या हुआ ?सोच से अपनें मेरें जैसे सामर्थ सा हुआँहाथ में मशाल वालों से पूछतीं हैं होलिकाजलाने का प्रयास मुझकों तेरा ब्यर्थ क्यों हुआ ? अपनें शान के अग्नि में ख़ुद…

