हिंदी कविता राम राज्याभिषेक | Kavita Ram Rajyabhishek

हिंदी कविता राम राज्याभिषेक - चौदह वर्षों के वनवास के पश्चात मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम चन्द्र जी का अयोध्या आगमन होता है। प्रस्तुत रचना में अवध वासियों उमड़ रही खुशी की लहरों का चित्रण किया गया है। हिंदी कविता राम राज्याभिषेक सब गाओ रे मंगल गीत, आज राम राजा बनें…

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हिंदी कविता अपना अपना भाग्य | Hindi Kavita Apna Bhagya

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता अपना अपना भाग्य :- हिंदी कविता अपना अपना भाग्य संसार की अजब गजब है लीला। कोई खाने के लिए मेहनत करता। कोई पचाने के लिए मेहनत करता। सबकी अपनी-अपनी है भाग्य की लीला। एक कुत्ता है जो सुखी हड्डियों को खाता। एक वह कुत्ता…

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हिंदी कविता बिलखता शिशु | Hindi Kavita Bilakhta Shishu

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता बिलखता शिशु :- हिंदी कविता बिलखता शिशु यह है एक बिलखते शिशु की कहानी। हर परिवार में दिखती है यह शैतानी। सुबह-सुबह रोज पडौस में बच्चा चीखता। एक दिन घर जाकर लगाया उसका पता। तैयार कर रही थी उसकी माता। पर बच्चा जाना ही…

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हिंदी कविता अग्निपरीक्षा | Hindi Kavita Agnipariksha

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता अग्निपरीक्षा :- हिंदी कविता अग्निपरीक्षा सीताजी ने दी थी जो परीक्षा। वह थी अग्निपरीक्षा। पतिव्रता सतवंती नारी की कठिन परीक्षा। पर क्यों नहीं होती पुरुषों की अग्निपरीक्षा। जब प्रकृति में नर और नारी दोनों ही है इंसान। तो नर क्यों बनता है बेईमान। नर…

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हिंदी कविता सब बाकी है | Hindi Kavita Sab Baaki Hai

आप पढ़ रहे हैं ( Hindi Kavita Sab Baaki Hai ) हिंदी कविता सब बाकी है :- हिंदी कविता सब बाकी है सब बाकी है, सब पाना है, मुझे दूर तक जाना हैं । ये मंजिल नहीं है मेरी, मुझे और कठिनाइयों को निभाना है, मुझे पाना है। ये कठिनाईयाँ…

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Gantantra Diwas Par Kavita | गणतंत्र दिवस पर कविता

Gantantra Diwas Par Kavita आप पढ़ रहे हैं गणतंत्र दिवस पर कविता :- Gantantra Diwas Par Kavitaगणतंत्र दिवस पर कविता कितनी पीड़ा सही उन्होंने,तिरंगे की शान बचाने को।खदेड़ फिरंगियों को भारत से,अपनी आजादी पाने को। कुछ ने सीने पर गोली झेली,तो कुछ फंदों पर झूल गए।लाशों के अनगिन ढेर जले…

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हिंदी कविता जिंदगी पर | Zindagi Par Hindi Kavita

आप पढ़ रहे हैं जिंदगी पर हिंदी कविता :- हिंदी कविता जिंदगी पर खाली मकान... खाली श्मशान है ....ए.....जिंदगी... तेरी इतनी विशाद है ना कर गुरूर किसी बात का खाली मटके की तरह.... तू भी बेकार है रहगुजर है आज यहाँ कुछ दिन के बाद.... तू तो मेहमान है आगे…

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हिंदी कविता बेरंग | Hindi Kavita Berang

इस हिंदी कविता बेरंग में आज के बदलते दौर की कड़वी सच्चाइयाँ झलकती हैं— जहाँ लोग रंग बदलते मौसमों की तरह बदल जाते हैं, रिश्तों के अर्थ खो गए हैं,और जीवन की रौनक धुएँ और अकेलेपन में कहीं दब-सी गई है। यह रचना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि…

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जवान पर हिंदी कविता :- मेरे वतन की शान है

आप पढ़ रहे हैं जवान पर हिंदी कविता :- जवान पर हिंदी कविता मुझे नहीं पता। ये तेरे वतन का जवान है या। मेरे वतन की शान है। देह लहू से लतपथ। लिबास में बस शहीदी की पहचान है।। वर्दी का रंग लाल। वतन भेद से अनजान है। मुझे नहीं…

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हिंदी कविता भारती जय भारती | Hindi Kavita Bharti Jai Bharti

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता भारती जय भारती :- हिंदी कविता भारती जय भारती भारती जय भारती ये भारती का गीत है । स्वतंत्रता की आरती स्वतंत्रता का दीप है ।। ये देश की आजादी पाने कितने वीर सो गए । अलख जगाने निकले और पथ में आके खो…

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हिंदी कविता बेहतरीन नजर नहीं है | Kavita Behatreen Nazar

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता बेहतरीन नजर नहीं है :- हिंदी कविता बेहतरीन नजर नहीं है बेहतरीन नजर नहीं है, होती तो अपनाता बेहतरीन होती तो अपनी कमी देख पाता। मात्र कहने से भारत विश्व गुरु नहीं हो जाता, तेरे कर्मों से गुलामी की ओर बढ़ता है जाता।। बेहतरीन…

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गणतंत्र दिवस पर हिंदी कविता :- नया भारत बनाना है

आप पढ़ रहे हैं गणतंत्र दिवस पर हिंदी कविता :- गणतंत्र दिवस पर हिंदी कविता ये एक लोकतंत्र है ये देश स्वतंत्र है देश ने अब ठाना है हमें नया भारत बनाना है विवेकानंद का सपना है ये देश उसका अपना है ये जन जन को जगाना है हमें नया…

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