हिंदी कविता जिंदगी पर | Zindagi Par Hindi Kavita

आप पढ़ रहे हैं जिंदगी पर हिंदी कविता :-

हिंदी कविता जिंदगी पर

हिंदी कविता जिंदगी पर

खाली मकान…
खाली श्मशान है
….ए…..जिंदगी…
तेरी इतनी विशाद है

ना कर गुरूर किसी बात का
खाली मटके की तरह….
तू भी बेकार है
रहगुजर है आज यहाँ
कुछ दिन  के बाद….
तू तो मेहमान है

आगे – आगे तु….
पीछे – पीछे जमाना है
एक के बाद एक….
हर किसी को जाना है
…..ए… जिंदगी…..
तेरा भरोसा क्या है
तू तो किराये का मकान है

खाली मकान…..
खाली समसान है
….ए….जिंदगी…..
तेरी इतनी विशाद है ।।

पढ़िए :- हिंदी कविता ज़िन्दगी पर | पढ़ो तो किताब है जिदंगी


रचनाकार का परिचय

गनेश रॉय "रावण"

नाम – गनेश रॉय “रावण”
पिता का नाम- श्री चितराम रॉय
माता – श्रीमती फेकन बाई रॉय
स्थाई पता- ग्राम – भगवानपाली , डाकघर – ओखर , तहसील – मस्तूरी, जिला – बिलासपुर, पिन – 495551 राज्य – छत्तीसगढ़
व्यवसाय – मशीन ऑपरेटर नितिन स्पिननर्स भीलवाड़ा , राजस्थान

“ हिंदी कविता जिंदगी पर ” ( Zindagi Par Hindi Kavita ) के बारे में कृपया अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे रचनाकार का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढ़ने का मौका मिले।

यदि आप भी रखते हैं लिखने का हुनर और चाहते हैं कि आपकी रचनाएँ हमारे ब्लॉग के जरिये लोगों तक पहुंचे तो लिख भेजिए अपनी रचनाएँ hindipyala@gmail.com पर या फिर हमारे व्हाट्सएप्प नंबर 9115672434 पर।

हम करेंगे आपकी प्रतिभाओं का सम्मान और देंगे आपको एक नया मंच।

धन्यवाद।

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published.