हिंदी कविता भारती जय भारती | Hindi Kavita Bharti Jai Bharti

0

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता भारती जय भारती :-

हिंदी कविता भारती जय भारती

हिंदी कविता भारती जय भारती

भारती जय भारती ये भारती का गीत है ।
स्वतंत्रता की आरती स्वतंत्रता का दीप है ।।

ये देश की आजादी पाने कितने वीर सो गए ।
अलख जगाने निकले और पथ में आके खो गए ।।
नहीं मिली स्वतंत्रता हमें यहां बेमोल है ।
शीश को चढ़ाया और चुकाया कितना मोल है ।।

शौर्य का तिलक लगाके पाई हमने जीत है ।
भारती जय भारती ये भारती का गीत है ।।

गण-तंत्र की खुशी हमें यूँ ही नहीं है मिल गयी ।
किया जो त्याग देश ने अधर पे आके खिल गयी ।।
मिला जो रक्त वीर का ध्वजा की शान बढ़ गयी ।
धधकती ज्वालामें फिरंगियों की सत्ता जल गयी ।।

स्वतंत्रता की देश से अटूट बंधी प्रीत है ।
भारती जय भारती ये भारती का गीत है ।।

हुए हैं धन्य–धन्य भाग्य जो मिला ये देश है ।
हमें हमारे प्राणों से भी प्यारा अपना देश है ।।
हमारे देश की नई पहचान बन के छा गया ।
छब्बीस को लिखा था वो संविधान बनके आ गया ।।

लहराता ये तिरंगा बन गया ह्रदय का मीत है ।
भारती जय भारती ये भारती का गीत है ।।
स्वतंत्रता की आरती स्वतंत्रता का दीप है ।
भारती जय भारती ये भारती का गीत है ।।

पढ़िए :- भारत देश पर कविता | भारत देश अनोखा


रचनाकार कर परिचय

शिवांगी मिश्रा

यह कविता हमें भेजी है शिवांगी मिश्रा जी ने धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश से।

“ हिंदी कविता भारती जय भारती ” ( Hindi Kavita Bharti Jai Bharti ) के बारे में कृपया अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे रचनाकार का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढ़ने का मौका मिले।

यदि आप भी रखते हैं लिखने का हुनर और चाहते हैं कि आपकी रचनाएँ हमारे ब्लॉग के जरिये लोगों तक पहुंचे तो लिख भेजिए अपनी रचनाएँ hindipyala@gmail.com पर या फिर हमारे व्हाट्सएप्प नंबर 9115672434 पर।

हम करेंगे आपकी प्रतिभाओं का सम्मान और देंगे आपको एक नया मंच।

धन्यवाद।

0

Leave a Reply