शब्द पर हिंदी कविता :- क्योंकि मैं शब्द हूँ
अपना परिचय देते हुए शब्द पर हिंदी कविता :- शब्द पर हिंदी कविता हांँ मैं भ्रष्ट हूँ ऊंची नीची अनुभव की डगर पर चलती हूँ कभी गिरती हूँ कभी फिसलती हूँ मन के भावों को टटोलती हूँ अनायास ही कुछ विचार कुछ तर्क कुछ बहस मुझे स्पर्श कर लेते हैं…

