शब्द पर हिंदी कविता :- क्योंकि मैं शब्द हूँ

अपना परिचय देते हुए शब्द पर हिंदी कविता :- शब्द पर हिंदी कविता हांँ मैं भ्रष्ट हूँ ऊंची नीची अनुभव की डगर पर चलती हूँ कभी गिरती हूँ कभी फिसलती हूँ मन के भावों को टटोलती हूँ अनायास ही कुछ विचार कुछ तर्क कुछ बहस मुझे स्पर्श कर लेते हैं…

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गौरैया दिवस पर कविता :- कहां गए ओ पंछी प्यारे | Gauraiya Par Kavita

बचपन में आप में से कई लोगों के घे में गौरैया ने घर जरूर बनाया होगा। गाँव में तो ये आम ही देखने को मिल जाती थीं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इनका दिखना कम हो गया है। इसीलिए इन्हें बचाने और इनके प्रति इंसानों को जागरूक करने के लिए…

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मानवता पर कविता :- आदिमानव ही अच्छा था

आज का इन्सान बहुत स्वार्थी और लोभी हो गया है। इस से अच्छा तो पहले का आदिमानव था। कैसे? आइये जानते हैं इस मानवता पर कविता में :- मानवता पर कविता न किसी से शिकायत थी ना किसी से द्वेष था, खुशियों भरी जिंदगी थी खुशियों का परिवेश था। चलते…

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नारी सम्मान पर कविता Nari Samman Par Kavita | Women Empowerment

Nari Samman Par Kavita हमारे समाज में नारी को किस नजर से देखा जाता है इसी विषय पर आधारित है यह नारी सम्मान पर कविता :- Nari Samman Par Kavitaनारी सम्मान पर कविता नारी सम्मान का पाठकब हम जीवन कीपुस्तक में लाएंगे,होता रहा जो सदियों से अब तकउसे क्या कभी…

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राम मंदिर पर हिंदी कविता :- चलो करें स्वागत

भगवान राम के अयोध्या आगमन पर उनका स्वागत करने के लिए प्रस्तुत है एक भक्तिमय कविता। राम मंदिर पर हिंदी कविता "चलो करें स्वागत" :- राम मंदिर पर हिंदी कविता चलो करें स्वागत आरती सजालो कि दीप जला लो। श्री राम जी चले आरहे हैं । राम जी चले आरहे…

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त्याग पर कविता :- छल द्वेष दंभ त्याग कर | Tyag Par Kavita

बुरी आदतों का त्याग कर ईमानदारी से जीवन व्यतीत करने के लिए प्रेरित करती ( Tyag Par Kavita ) त्याग पर कविता "छल द्वेष दंभ त्याग कर" :- त्याग पर कविता आया है जो इस जग में इंसान बन के जी । छल द्वेष दंभ त्याग कर ईमान बन के…

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कृष्ण प्रेम कविता :- सुन कान्हा मेरी याद | Krishna Prem Kavita

भगवान श्री कृष्ण के प्रेम में उनके दर्शन प्राप्ति की कामना में लिखी गयी ( Krishna Prem Kavita ) कृष्ण प्रेम कविता " सुन कान्हा मेरी याद " कृष्ण प्रेम कविता सुन कान्हा मेरी याद तुमको आती तो होगी। ओ पूनम की रात तुम्हें रुलाती तो होगी । सुन कान्हा-----…

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रक्षाबंधन पर हिंदी कविता :- आया राखी का त्योहार

भाई बहन के रिश्ते को समर्पित है रक्षाबंधन का त्यौहार। लेकिन जब भाई सरहद पर देश की रक्षा कर रहा होता है तो अकसर बहनें उन्हें याद करती है और राखी आने से कुछ दिन पहले उसे घर आने के लिए बोलती है। ऐसे में क्या बात होती है भाई…

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हिंदी कविता ज़िन्दगी पर :- पढ़ो तो किताब है जिदंगी

जिंदगी की परिभाषा को बताती हुयी ब्रिजना शर्मा जी द्वारा लिखित हिंदी कविता ज़िन्दगी पर "पढ़ो तो किताब है जिदंगी" :- हिंदी कविता ज़िन्दगी पर पढ़ो तो किताब है जिदंगी लिखो तो किस्सा है जिदंगी, लड़ो तो संघ॔ष है जिदंगी जीतो तो परिणाम है जिदंगी, दुःख में विरान है जिदंगी…

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राखी पर कविता :- वो भैया ही मेरा | Rakhi Par Kavita

एक बहन के लिए उसके भाई का जीवन में क्या महत्त्व होता है आइये जानते हैं इस ( Rakhi Par Kavita ) राखी पर कविता " वो भैया ही मेरा " :- राखी पर कविता जब मन मेरा घबराये भैया को पता चल जाये। तब हाथ पकड़ के मेरा मुझे…

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बाल कविता नाव चली | Bal Kavita Naav Chali

बारिश में अकसर बच्चे कागज़ की नाव बना कर पानी में चलाते हैं। कैसा होता है वह दृश्य आइये पढ़ते हैं बाल कविता नाव चली ( Bal Kavita Naav Chali ) में :- बाल कविता नाव चली बादल चले गए काला-काला! आसमान हो गए, नीला-नीला! अरे चंदा सुनो माला! घर…

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कविता प्रेयसी का सौंदर्य वर्णन | स्त्री सौंदर्य पर कविता | Beauty Of Beloved

स्त्री सौंदर्य पर कविता आप पढ़ रहे हैं कविता प्रेयसी का सौंदर्य वर्णन :- कविता प्रेयसी का सौंदर्य वर्णन यूं चेहरे से मुसकाई हो,ज्यूं ईश्वर की परछाई हो। नैनन देखा मन बहक गया,किस्मत पर अपने ठिठक गया। तुम फूल खिली फूलवारी हो,या यौवन की बलिहारी हो। तुम लगे प्रेम की मूरत हो,खूबसूरत से खूबसूरत…

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