रक्षाबंधन पर हिंदी कविता :- आया राखी का त्योहार

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भाई बहन के रिश्ते को समर्पित है रक्षाबंधन का त्यौहार। लेकिन जब भाई सरहद पर देश की रक्षा कर रहा होता है तो अकसर बहनें उन्हें याद करती है और राखी आने से कुछ दिन पहले उसे घर आने के लिए बोलती है। ऐसे में क्या बात होती है भाई और बहन ले बीच आइये जानते हैं रक्षाबंधन पर हिंदी कविता ” आया राखी का त्योहार ” में :-

रक्षाबंधन पर हिंदी कविता

रक्षाबंधन पर कविता

आया राखी का त्योहार
लेकर भाई बहन का प्यार ।।
लेकर भाई बहन का प्यार
लाया खुशियाँ साथ हजार ।
आया राखी का त्योहार ।।

भैया मेरा सबसे प्यारा,
मेरे आँख का तारा ।
सरहद का रखवाला भइया,
माँ का राज दुलारा।
मैं रो रो करूँ पुकार ।
आया राखी का त्योहार ।।

भइया कहता सुन री बहना,
राखी में न आऊँगा।
मैं सीमा का प्रहरी हूँ सुन,
अपना फर्ज निभाऊँगा।
मेरा ड़ेर सा तुमको प्यार।
बहना बहे न अँसुवन धार।
आया राखी का त्योहार ।।

छुट्टी मिलने पर आऊँगा ,
करता हूँ बहन वादा।
तेरे नाम से बाँध ली है,
मैंने रेशमी धागा।
जिसमें भरा है तेरा प्यार।
बहना रखना जिया संभार।
आया राखी का त्योहार ।।
लेकर भाई बहन का प्यार ।।

पढ़िए :- राखी पर कविता “वो भैया ही मेरा”


रचनाकार का परिचय :-

श्रीमती केवरा यदु " मीरा "यह कविता हमें भेजी है श्रीमती केवरा यदु ” मीरा “ जी ने। जो राजिम (छतीसगढ़) जिला गरियाबंद की रहने वाली हैं। उनकी कुछ प्रकाशित पुस्तकें इस तरह हैं :-
1- 1997 राजीवलोचन भजनांजली
2- 2015 में सुन ले जिया के मोर बात ।
3-2016 देवी गीत भाग 1
4- 2016 देवीगीत भाग 2
5 – 2016 शक्ति चालीसा
6-2016 होली गीत
7-2017  साझा संकलन आपकी ही परछाई।2017
8- 2018 साझा संकलन ( नई उड़ान )

इसके अतिरिक्त इनकी अनेक पत्र-पत्रिकाओं में रचनायें प्रकाशित हो चुकी हैं। इन्हें इनकी रचनाओं के लिए लगभग 50 बार सम्मानित किया जा चुका है। इन्हें वूमन आवाज का सम्मान भी भोपाल से मिल चुका है।
लेखन विधा – गीत, गजल, भजन, सायली- दोहा, छंद, हाइकु पिरामिड-विधा।
उल्लेखनीय- समाज सेवा बेटियों को प्रशिक्षित करना बचाव हेतु । महिलाओं को न्याय दिलाने हेतु मदद गरीबों की सेवा।

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