किसान पर छोटी कविता :- अपने बल से बंजर धरती को
धरती के सीने पर हल चला कर लोगों का पेट भरने वाले किसान पर छोटी कविता "अपने बल से बंजर धरती को " किसान पर छोटी कविता गांवो की गलियों में चलकर कांटो की चुभन सहकर किसान। अपने बल से बंजर धरती को हरा भरा करता वह रेगिस्तान।। मिटटी से…

