प्रयास पर कविता | Prayas Par Kavita
आप पढ़ रहे हैं प्रयास पर कविता :- प्रयास पर कविता जीवन की भुलभुलैया में बहुत हुआ मुझको अनुभव। गिर गिरकर खड़ा हुआ मै तब मिला सफलता का पथ नव।। प्रत्येक मोड़ पर हर मार्ग में मुश्किलें बांहे फैलाए खड़ी थी। दूर से लग रही थी तिनके सी गया समक्ष…

