ज्ञान पर कविता – ज्ञान अनमोल खजाना है | Gyan Par Kavita
ज्ञान पर कविता ज्ञान पर कविता ज्ञान अनमोल खजाना है बांट सका है कौन इसे ?न भाई बंधु जमाना है,अनमोल रतन है हर रत्नों में पर इसको नहीं छुपाना है। ज्ञान की ज्योति जले घर-घर मेंज्योति से ज्योति जलाना है,घर-घर महके ज्ञान की खुशबू ज्ञान का अलख जगाना है। ज्ञान बिना मानव जीवन…

