हिंदी प्याला के हिंदी कविता संग्रह में पढ़िए :-
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महाशिवरात्रि पर कविता :- आई शिवजी की है शादी

फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को मनाया जाने वाला महाशिवरात्रि पर्व भगवान शिव और देवी पार्वती जी के विवाह के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। आइये पढ़ते हैं महाशिवरात्रि पर्व को समर्पित ( Mahashivratri Par Kavita ) महाशिवरात्रि पर कविता "आई शिवजी की है शादी" महाशिवरात्रि पर कविता आई शिवजी की है…

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बसंत ऋतु पर कविता :- देखो आ गयी बसंत | Basant Ritu Kavita In Hindi

आप पढ़ रहे हैं रेणु शर्मा जी द्वारा रचित बसंत ऋतु पर कविता ( Basant Ritu Kavita In Hindi ) "देखो आ गयी बसंत" बसंत ऋतु पर कविता दुख का होता अंत ,, देखो आ गयी बसंत ।। खिल रहे है फूल बागान ,, करती नदिया कलकल।। चहुँओर किलकारियाँ ,…

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बलिदान दिवस को समर्पित कविता :- अमर रहे बलिदान हमारा

आप पढ़ रहे हैं प्रवीण जी द्वारा रचित शहीदों के बलिदान को याद करते हुए बलिदान दिवस को समर्पित कविता "अमर रहे बलिदान हमारा" बलिदान दिवस को समर्पित कविता युगों-युगों तक देश कहेगा विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, अमर रहे बलिदान हमारा अमर रहे बलिदान हमारा। हो सर्दी चाहे सियाचीन में…

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कर्मयोगी पर कविता :- उन कर्मवीरों की क्या बात करें

आप पढ़ रहे हैं प्रवीण जी द्वारा रचित कर्मयोगी पर कविता "उन कर्मवीरों की क्या बात करें" कर्मयोगी पर कविता उन कर्मवीरों की क्या बात करें जिन्हें भूला दिया इस दुनिया ने, जो फर्ज के ख़ातिर अमर हुये उन्हें टीस दिला दी दुनिया ने। मोम सा दिल जो रखते थे…

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पति पत्नी पर हास्य कविता :- कभी बेलन चलाती है | Pati Patni Funny Poem

पति पत्नी पर हास्य कविता ( Pati Patni Hasya Kavita ) आधारित है ऐसे पति-पत्नी पर जिसमें पति पत्नी से परेशान है। जो लोग शादी के सपने देखते रहते हैं उनके लिए एक उपदेश जैसी है यह शादी पर हास्य कविता । कैसे? आइये पढ़ते हैं इस पति पत्नी पर…

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हिंदी कविता : भोग | यह भोग क्या | Hindi Kavita Bhog

आप पढ़ रहे हैं पंकज कुमार द्वारा रचित हिंदी कविता : भोग :- हिंदी कविता : भोग यह भोग क्या है सोच क्या? संयोग नास्तिक है रोग क्या? जीवंत शाखा टूटती सममूल ही तोड़ती, अधर्म नाता है हुआ कालिख मुंह में पोतती। सत्य का निष्पक्ष पुजारी कैसे दुर्बल हुआ, अहिंसा…

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हिंदी कविता – कंपन्न | कम्पन्न बन के श्वास से

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता - कंपन्न हिंदी कविता - कंपन्न कम्पन्न बन के श्वास से चीखें सुनायी काल, है रात्रि का विष वेला यहाँ होती प्रभा बिछायी जान। नवचेतना है आयी अभी लिपटी हुयी अदृश्यनाल, निज आशियाँ निर्मित यहाँ है दंभ निति उसकी चाल। बनते मुसाफिर है यहाँ…

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शहीद सैनिक पर कविता :- जब तक जिंदा था सैनिक | Shaheed Sainik Par Kavita

आप पढ़ रहे हैं शहीद सैनिक पर कविता ( Shaheed Sainik Par Kavita ) "जब तक जिंदा था सैनिक" :- शहीद सैनिक पर कविता   जब तक जिंदा था सैनिक, वह देश की सरहद पर ही रहा। अपने परिवार को देख सके, उसे इतनी फुर्सत मिली कहां। इस देश की…

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हिंदी कविता – दरिद्रता | यह कैसी दरिद्रता

गरीबी एक ऐसी चीज है जो जीवन को दुखद बना देती है। इसी विषय पर प्रस्तुत है हिंदी कविता - दरिद्रता :- हिंदी कविता - दरिद्रता यह कैसी दरिद्रता?मानव स्तब्धउदर रिक्तअचंभा जेब कापड़ा सूखा पत्ता,कैसा ईश्वरकृत। संतान ईश्वर कीभाग्य खाली,यह कैसी प्रीतलपटने को चीथड़ा कंबल,निद्रा पूरी कैसेजब मौसम शीत। अषाढ़…

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Poem For Wife In Hindi | पत्नी की तारीफ कविता | Patni Ke Liye Kavita

Poem For Wife In Hindi - आप पढ़ रहे हैं पत्नी की तारीफ में पत्नी के लिए कविता "मैं ऋणी रहूँँगा सदा तेरा" :- Poem For Wife In Hindiपत्नी के लिए कविता मैं ऋणी रहूँँगा सदा तेरा,तेरा मुझ पे है उपकार बड़ा।वो शब्द कहाँ से लाऊँ मैं,जो बता सके उद्गार…

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प्यार के इजहार पर कविता :- हाँ, प्यार करने लगी हूँ मैं

आप पढ़ रहे हैं प्यार के इजहार पर कविता ( Pyar Ke Izhaar Par Kavita ) "हाँ, प्यार करने लगी हूँ मैं" :- प्यार के इजहार पर कविता "हाँ, प्यार करने लगी हूँ मैं" हाँ, कम बोलने लगी हूँ मैं, रिश्तों में चुप रहने लगी हूँ मैं, प्यार का नाता…

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कवि सम्मेलन पर कविता :- कवि सम्मेलन परिवार हमारा | Kavi Sammelan Par kavita

आप पढ़ रहे हैं कवि सम्मेलन पर कविता ( Kavi Sammelan Par kavita ) "कवि सम्मेलन परिवार हमारा" :- कवि सम्मेलन पर कविता अंतर्मन की रचनाओं को आज जगाना होगा, कवि सम्मेलन परिवार हमारा यहाँ भी आना होगा। भिन्न-भिन्न आचार्य यहां पे भिन्न-भिन्न आलेख है, भिन्न-भिन्न रचनाएं इनकी भिन्न-भिन्न प्रलेख…

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