हिंदी प्याला के हिंदी कविता संग्रह में पढ़िए :-
माँ पर कविताएं , प्रकृति पर कविताएं , शिक्षक दिवस पर कविताएं , माँ पर कविता हिंदी में , गुरु पर कविताएं , पेड़ पर कविताएं , नारी पर कविताएं , महिलाओं पर कविताएं , पानी पर कविताएं , बादल पर कविताएं , बहन पर कविता इन हिंदी , पर्यावरण पर कविता इन हिंदी , सैनिक पर कविता इन हिंदी 15 अगस्त पर कविताएं , अनुशासन पर कविताएं , खुशी पर कविताएं , गांधी पर कविताएं , गरीबी पर कविताएं , घड़ी पर कविताएं , चाँद पर कविताएं , जिंदगी पर कविताएं , जन्मदिन पर कविताएं , जल पर कविताएं , देशभक्ति पर कविताएं , नदी पर कविताएं , भारत पर कविताएं , रक्षाबंधन पर कविताएं , रिश्तों पर कविताएं , शहीदों पर कविताएं , शिक्षा पर कविताएं , स्वच्छता पर कविताएं , गुरु पर कविता हिंदी में , वसंत पर कविता हिंदी में , पर्यावरण पर कविता हिंदी में , राम पर कविताएं

अनुगति कविता – पंचभूत से निर्मित ये तन | Anugati Kavita

अनुगति कविता अनुगति कविता पंचभूत से निर्मित ये तनअनुगति में सोता है।भ्रमण आत्मा का लेकिनजनम जनम का होता है।। मोहमाया के जाल में फंसकरखोता नित निज स्मृतियाँपूर्व जन्म के कर्मों से फिरलिखता नित निज नवकृतियाँसुखदुख के चक्रों में उलझ केखुद हंसता खुद रोता हैपंचभूत से निर्मित ये तनअनुगति में सोता…

Continue Readingअनुगति कविता – पंचभूत से निर्मित ये तन | Anugati Kavita

माँ के लिए गीत – माँ पुकारे बेटे तेरे | Maa Ke Liye Geet

माँ के लिए गीत माँ के लिए गीत माँ, पुकारे बेटे तेरे जल्दी से तुम आ जाओ।नयनो में जो प्यास जगी है आके उसे बुझा जाओ।। माँ, पुकारे बेटे तेरे…… दुर दुर से आए है सबजन तेरी झलक बस पाने को,सुबह से हो गई शाम रे मैया बैठे हैं भजन…

Continue Readingमाँ के लिए गीत – माँ पुकारे बेटे तेरे | Maa Ke Liye Geet

कृष्ण बाल लीला कविता | Krishna Bal Leela Kavita

कृष्ण बाल लीला कविता कृष्ण बाल लीला कविता अब आन बसौ मोहन मन में,तेरी सूरत मन को भावत है। बचपन में तू जीवन की सबै,खूब लीला करत दिखावत है। ठुमकत चलत बजै पैजनिया,तन मन में प्रीति जगावत है। किलकारी मार हसत आगन,जग भर में सबै हसावत है। बचपन का तेरा रूप सलोना,चंचल…

Continue Readingकृष्ण बाल लीला कविता | Krishna Bal Leela Kavita

मकसद पर कविता | Maksad Par Kavita

मकसद पर कविता मकसद पर कविता ज्ञान मंजिल तक पहुंचाता है पर मंजिल का पता हो ध्यान मकसद तक ले जाता है अगर ध्यान मकसद पर डटा हो  चूर चूर हो जाते हैं सारे सपने जब मार्ग ही लापता हो इच्छाएं सपने उद्देश्य पूरे होते हैं जब खुद में समर्पण की दक्षता हो  कहते हैं कर्म…

Continue Readingमकसद पर कविता | Maksad Par Kavita

Kavita On Papa In Hindi | पापा के लिए कविता 

Kavita On Papa In Hindi - आप पढ़ रहे हैं पापा के लिए कविता :- Kavita On Papa In Hindiपापा के लिए कविता मेरे लिए मेरा प्यार हैं मेरे पापाईश्वर का दिया हुआअनमोल उपहार हैं मेरे पापा मेरी एक पहचान हैं मेरे पापामेरी मुस्कान हैं मेरे पापामेरी जिंदगी मेरी जान…

Continue ReadingKavita On Papa In Hindi | पापा के लिए कविता 

तिरंगा पर कविता – तिरंगा शान से लहरे | Tiranga Par Kavita

तिरंगा पर कविता तिरंगा पर कविता तिरंगा शान से लहरेतिरंगा आन से फहरे। छुपा इतिहास गौरव का,समेटे भाव कुछ गहरे।निगाहों में सभी की मानऔ सम्मान बन ठहरे।अमिट पहचान दे यहविश्व में ऊँचा दिखाई दे,तिरंगा शान से लहरे,तिरंगा आन से फहरे। सजे सिन्दूर माथेभारती के रंग केसरिया ।धवल रंग इसका हैबहाता…

Continue Readingतिरंगा पर कविता – तिरंगा शान से लहरे | Tiranga Par Kavita

मां के ऊपर कविता | Maa Ke Upar Kavita

मां के ऊपर कविता मां के ऊपर कविता माँ तुझको देवी रूप मेंस्वीकार कर लिया,तेरी हर बात का हमनेऐतबार कर लिया,चाहकर भी तुमसे दूररह ना पायेंगें हम कभी,काश हमको मिल जातेतुमसे वो अधिकार सभी,तेरी भक्ति के रंग मेंसरोकार कर लिया। माँ तुझको देवी रूप मेंस्वीकार कर लिया। एक जन्म नहीं…

Continue Readingमां के ऊपर कविता | Maa Ke Upar Kavita

Swatantrata Diwas Par Kavita | स्वतन्त्रता दिवस पर कविता

Swatantrata Diwas Par Kavita Swatantrata Diwas Par Kavita स्वतंत्र भारत देख रहे हैंआज हम-आप अपने सामने,पर सिद्ध हुआ क्या सपना वोजो देखा था उस हिंदुस्तान ने। कि जिस हिंदुस्तान के वीरहँसकर फंदा चूम गए,हम आप तो यहां दो नृत्य देख बसयूँ ही खुशी से झूम गए,  तो क्यों इस भारत…

Continue ReadingSwatantrata Diwas Par Kavita | स्वतन्त्रता दिवस पर कविता

आज़ादी का अमृत गीत | Azadi Ka Amrit Geet

आज़ादी का अमृत गीत आज़ादी का अमृत गीत आज़ाद वतन की माटीअब इतनी खामोश क्यों हैं ?आज़ादी में रहने की,क्या हमको कोई आदत ही नहीआज़ाद चमन है आज़ाद गगन हैपवन भी है आज़ाद अबडर दिल में, भय मन में औरसच कहने की आदत ही नही ।। आज़ादी का पावन पर्वक्यों…

Continue Readingआज़ादी का अमृत गीत | Azadi Ka Amrit Geet

हिंदी कविता नायक | Hindi Kavita Nayak

हिंदी कविता नायक हिंदी कविता नायक नायक का किरदारजीवन के रंग मंच परशुरू होता हैशुरू से अंत तक, सुख दुःख के संगम मेंनहाकर,धोता है मन के मैल कोहंसाकर,कृष्ण और कंस काराम और रावण काद्रौपदी और दुशासन काराशियां तो एक हैंपर कर्म सोंच में भेद है कर्म ही बनाता हैनायकया फिर…

Continue Readingहिंदी कविता नायक | Hindi Kavita Nayak

रक्षाबंधन पर छोटी सी कविता | Rakshabandhan Ki Kavita

रक्षाबंधन पर छोटी सी कविता रक्षाबंधन पर छोटी सी कविता रेशम का रक्षासूत्र उनकी कलाई में,जो निकल आये हैं घरों सेहाथों में लेकर छिड़काव मशीनहमारें गली मुहल्ला सड़क परसाफ सफाई के लिएताकि हम रह सकेंहर तरह की वायरल जनित वायरस से सुरक्षित, उनके लिए ,जोअपना परिवार छोड़करआ गए है हमलोगों…

Continue Readingरक्षाबंधन पर छोटी सी कविता | Rakshabandhan Ki Kavita

रक्षाबंधन पर कविता | Rakshabandhan Par Kavita

रक्षाबंधन पर कविता रक्षाबंधन पर कविता मैं बहना ,भाई ना मेरे राखी बिकते प्यारे प्यारे राखी आते,मन भर जातेकिसे बांध मैं मन बहलाऊं,कैसे मैं त्योहार मनाऊं। प्रीत की बंधन के धागा कोबांध के टालूं हर बाधा कोकिस भाई को बांध कलाईरिश्तों में विश्वास जगाऊं,कैसे मैं त्योहार मनाऊं। मेरे भी गर भाई होतामैं राखी वह कंगन लाताथाली भर मैं प्यार सजाकर किस भाई पर प्यार लुटाऊं,कैसे मैं त्योहार मनाऊं। छोटा होता प्यार लुटातीआशीर्वाद बड़ा से पातीमीठे मधुर मिठास बढ़ा करकिसको विजया तिलक लगाऊं?कैसे मैं त्योहार मनाऊं। मात- पिता भाई में देखूं बांध गांठ रिस्तें को रख्खूंबिन भाई के जीवन कैसा?खुद को आज पराई पाऊं,कैसे मैं त्योहार मनाऊं। भाई का होना ना होना क्या कर सकती कोई बहनाखुद में खुद को भाई देखूं खुद को खूब मजबूत बनाऊं,अब ऐसे त्योहार मनाऊं। खुद भाई खुद बहना बनकरजीवन जी लूं आगे बढ़करमात पिता अपने में पाकरबेटी बेटा मैं बन जाऊं,अब ऐसे त्योहार मनाऊं। करुं अपेक्षा रक्षा का क्योंअबला से सबला हो ना क्योंइस अन्तर को मैं झुठलाकर खुद की रक्षा खूब कर पाऊं। अब ऐसे त्योहार मनाऊं। पढ़िए :- रक्षाबंधन को समर्पित शायरी संग्रह रचनाकार का परिचय यह कविता हमें भेजी है रामबृक्ष कुमार जी ने अम्बेडकर नगर से। “ रक्षाबंधन पर कविता ” ( Rakshabandhan Par Kavita ) आपको कैसी लगी ? “…

Continue Readingरक्षाबंधन पर कविता | Rakshabandhan Par Kavita