माँ के लिए गीत – माँ पुकारे बेटे तेरे | Maa Ke Liye Geet

माँ के लिए गीत

माँ के लिए गीत

माँ के लिए गीत

माँ, पुकारे बेटे तेरे जल्दी से तुम आ जाओ।
नयनो में जो प्यास जगी है आके उसे बुझा जाओ।।

माँ, पुकारे बेटे तेरे……

दुर दुर से आए है सबजन तेरी झलक बस पाने को,
सुबह से हो गई शाम रे मैया बैठे हैं भजन सुनाने को,
त्रुटि हुई हो जो वाणी से हमको आके तुम बता जाओ।।

माँ, पुकारे बेटे तेरे……

मीरा से ना भाव है सबके दिल से तुझको चाहतें हैं,
विष की घूँट को छोड़ के दर पे वर ये पाना चाहतें हैं,
सोई जो तकदीर पड़ी है उसको आके जगा जाओ।।

माँ, पुकारे बेटे तेरे……

पार लगा दो मेरी मंज़िल बीच भंवर में नैया है,
तेरे सिवा बोलो माँ जग में मेरा कौन खिवैया है
अटकी हुई हैं सांसे मेरी आके गले लगा जाओ।।

माँ, पुकारे बेटे तेरे……

पढ़िए :- माँ पर हिंदी कविता “माँ तुलसी माँ गंगा है।”


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Praveen Kucheria

Praveen Kucheria

मेरा नाम प्रवीण हैं। मैं हैदराबाद में रहता हूँ। मुझे बचपन से ही लिखने का शौक है ,मैं अपनी माँ की याद में अक्सर कुछ ना कुछ लिखता रहता हूँ ,मैं चाहूंगा कि मेरी रचनाएं सभी पाठकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनें।

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