स्वर्गीय माँ पर कविता – माँ नहीं हमारे पास | Swargiya Maa Par Kavita
स्वर्गीय माँ पर कविता स्वर्गीय माँ पर कविता धरती सूनी माँ सूना आँगनदेखो सूना है आकाश !बिना तुम्हारे सूना हैजीवन का मधुमास !तुम्ही बताओ खुद को कैसेआज यकीन दिलाऊँ !घर की चारदीवारी बोलेमाँ नहीं हमारे पास !! बिना तुम्हारे सूना हैजीवन का मधुमास !! माना मेरी साँसें भीआती जाती रहती…

