हिंदी कविता पुकार संविधान की | Kavita Pukar Samvidhan Ki

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता पुकार संविधान की :- हिंदी कविता पुकार संविधान की जन्मा मैं सन 1949 में। 1950 में आँख खुला।। न्याय में आस पनपता देख। कन्धा मेरा भरा रहा।। पुकारते थें जो संविधान कहकर। आज उसका अर्थ पलट गया।। नियमों की पोथी भर रह गई। अब…

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कविता संविधान पर | Hindi Kavita Samvidhan Par

आप पढ़ रहे हैं कविता संविधान पर :- कविता संविधान पर जब सन 47 में हुआ था, स्वतंत्र राष्ट्र मेरा। मिले विधान इसको अपना, तब होगा नया सवेरा।। वामपंथी आंदोलन नेता ने, सन 34 में दिया सुझाव मेरा। उनके पीछे मांग उठाई कांग्रेस, सन् 35 में हो गठन मेरा।। नेहरू…

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हिंदी कविता बेबसी का ज्ञान | Hindi Kavita Bebasi Ka Gyan

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता बेबसी का ज्ञान :- हिंदी कविता बेबसी का ज्ञान बहुत दिनों की बात है जब देखा मैंने खुद लाचारी को..... शब्द नहीं है कहने के लिए ..... क्या ऐसा भी होता है ?? कीचड़ और अन्न का भेद मिटाता हुआ एक बुजुर्ग ..... गन्दगी…

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भारतीय संविधान पर कविता :- मेरा भारतीय संविधान महान है

आप पढ़ रहे हैं भारतीय संविधान पर कविता :- भारतीय संविधान पर कविता मेरा भारतीय संविधान महान है हर एक को मौलिक अधिकार है, कोई जात नहीं कोई ऊँच नीच नहीं हर एक को समान अधिकार है। संविधान हमें स्वतंत्रता देता है हर बात रखने की आजादी देता है, भारत…

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घर के बंटवारे पर कविता :- बँटवारे का माहौल

आप पढ़ रहे हैं घर के बंटवारे पर कविता :- घर के बंटवारे पर कविता तन्हाईयों का शोर फिर से, गूँजने लगा है शहर में। जाने क्या से क्या हुआ ये, सोच रहे हैं डर ही डर में। कुछ रिश्तेदारों के सम्मुख, बैठ गए सब आँगन में, बँटवारे का माहौल…

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हिंदी प्याला भ्रमर और पुष्प | Kavita Bhramar Aur Pushpa

प्रस्तुत हिंदी प्याला भ्रमर और पुष्प में भँवरे और फूल के प्रथम प्रेमालाप के दृश्य का चित्रण किया गया है। हिंदी प्याला भ्रमर और पुष्प उड़ रहा भ्रमर था आसमान में, मद मस्त मगन सा होकर। अनजानी थी राह मगर, उम्मीद भरा उत्सुकता के पथ पर।।1। सहसा दृष्टि गई उपवन…

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हिंदी कविता व्यथा भारत की | Hindi Kavita Vyatha Bharat Ki

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता व्यथा भारत की :- हिंदी कविता व्यथा भारत की एक लड़ाई मेरे बाहर, एक लड़ाई अन्दर है। मैं ही जानूँ मेरे गम का, कितना बड़ा समन्दर है ।। तान खड़ी हैं भौहें अपनी , कुछ मेरी विपदाएं। दाँव देखते सगे पड़ोसी, आयुध कैसा बरसायें।…

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संघर्ष पर हिंदी कविता :- संघर्ष की नींव रख

संघर्ष पर हिंदी कविता - जीवन एक संघर्ष है। संघर्ष जीवन का सार है। जिसने संघर्ष किया जीवन उसका स्वर गया। बिना संघर्ष के जीवन अधूरा है। इस कविता मे बताया गया है की जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमें संघर्ष की नींव रखनी पड़ती है। संघर्ष पर हिंदी…

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संविधान दिवस पर कविता :- मैं भारत का संविधान हूँ

26 नवंबर को मनाए जाने वाले संविधान दिवस पर कविता :- संविधान दिवस पर कविता मुझसे बनी पहचान भारत की बंगले कोठी और ईमारत की। विश्व में विस्तृत और महान हूँ मै भारत का विधि विधान हूँ।। मैने ही दिए अधिकार सभी मुझसे ही मिले उपहार सभी। मैं लोकतन्त्र का…

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मन में मधुमास आ गया हिंदी कविता

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता मन में मधुमास आ गया :- मन में मधुमास आ गया मेरे उर अन्तस्थल को, जब से स्नेह मिला है तेरा । पतझड़ से नीरस मन में मधुमास आ गया। बिखर रहीं थीं मन की लड़ियाँ , तुमनें उन्हें पिरो डाली । जिससे पहुँचूं…

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स्वच्छता पर कविता :- भारत को स्वच्छ बनायें | Swachata Par Kavita

आप पढ़ रहे हैं ( Swachata Par Kavita ) स्वच्छता पर कविता "भारत को स्वच्छ बनायें" :- स्वच्छता पर कविता आओ मिलकर , भारत को स्वच्छ बनायें । गाँव प्रदेश देश को अपने , श्रम प्रकाश से चमकायें ।। शहरों गाँवों की गलियों में , प्रायः गन्दगी भरी रहती ।…

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हिंदी कविता निशा सुन्दरी | Hindi Kavita Nisha Sundari

प्रस्तुत हिंदी कविता निशा सुन्दरी में "निशा और चाँद " अर्थात् रात और चन्द्रमा के प्रेममय दृश्य का चित्रण किया गया है। हिंदी कविता निशा सुन्दरी भूख मिटाने की आशा में , जो दिन भर दौड़ा करते । पर्याप्त धनार्जन करनें को, दिन भर श्रमरत रहते ।।1।। विश्राम मिलेगा उनको…

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