हिंदी कविता शापित | Hindi Kavita Shapit
आप पढ़ रहे हैं ( Hindi Kavita Shaapit ) हिंदी कविता शापित :- हिंदी कविता शापित कुछ पदचिन्ह छोड़ चले हम, जिंदगी की राहों में, ढूंढोगे घर हमारा एक दिन,पता लेकर के बाहों में। रोओगे तो तुम भी एक दिन,जब देखोगे दर्पण में। यह हाथ छोड़कर गए थे कैसे, गैरों…

