राम मंदिर पर कविता :- आओ श्रीराम का मंदिर बनाएं

आप पढ़ रहे हैं ( Ram Mandir Par Kavita ) राम मंदिर पर कविता "आओ श्रीराम का मंदिर बनाएं" राम मंदिर पर कविता भक्ति रस से,गुलिस्ताँ महकाएं।चलो आज ईंट से,ईंट मिलाएं।करें अरुणोदय अवध धाम से,आओ श्रीराम का,मंदिर बनाएं। आओ खुदा को,पैगाम लिख दें।पैगाम-ए-दिल,सलाम लिख दें।मजहबी नफरत को खत्म करके,दिलों में…

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देश भक्ति कविता कब तक | Desh Bhakti Kavita Kab Tak

आप पढ़ रहे हैं देश भक्ति कविता कब तक :- देश भक्ति कविता कब तक कब-तक आदमखोर दरिंदो की दरिंन्दगी बढ़ती जाएगी! आखिर कब-तक दहशतगर्दों की दहशतगर्दी बढ़ती जाएगी!! फिर क्या यूँ ही आतंकी सरेआम-कत्लेआम करते जायेंगे! फिर कब-तक उरी,पुलवामा,मुंबई जैसे हमले होते जायेगे!! फिर कितने माँ का आँचल सूना,…

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हिंदी कविता कहाँ गयी तेरी रखवाली | Teri Rakhwali

हिंदी कविता कहाँ गयी तेरी रखवाली हे!संविधान उत्तर दो मेरा,कौन करे तेरी रखवाली? क्यूँ मूक बधिर बन बैठा है,लिए हाथ कंगन बाली? कहाँ गया सिंह सा गर्जन,भीषण रौब न्यायधारी? क्या बदल गया चरित्र तेरा,लगा अधरों पर लाली? बिके चंद पैसे खातिर,बजाकर किन्नर सी ताली। हे!संविधान के रखवाले,कहाँ गयी तेरी रखवाली?…

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पिता का दर्द पर कविता | Pita Ka Dard Par Kavita

पिता का दर्द पर कविता आज सुबह कोई बाहर की सड़क पर, खाँस रहा था। मैंने पूछा कौन ? जबाव था मौन, मैंने पूछा बाबा ? किसी ने नहीं किया दावा, मैंने पूछा कोई काम ? जवाब आया थोड़ा आराम ! बाबू मैं हूं दीनाराम करना चाहता हूं थोड़ा विश्राम।…

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Zindagi Par Kavita | जिंदगी पर कविता Poem On Life In Hindi

Zindagi Par Kavita आप पढ़ रहे हैं जिंदगी पर हिंदी कविता :- Zindagi Par Kavitaजिंदगी पर हिंदी कविता जिंदगी पतंग समान है ,यह जिंदगी पतंग समान है ।। कभी यह ऊपर उठती है ,कभी यह नीचे गिरती है ।बहुत हिचकोले खाती है ,कभी यह चक्कर खाती है।जग को समझो जैसे ,खुल्ला आसमान है ।।जिंदगी…

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कोरोना पर देशभक्ति रचना :- ऐसे हम निपटा देंगे

कोरोना पर देशभक्ति रचना महामारी कोरोना की, ऐसे हम निपटा देंगे। एकसूत्र में बंधकर के हम एकता दिखला देंगे।। आयुर्वेदिक औषध इसका एकमात्र उपचार है। जिस कोरोना के आगे, आज सभी देश लाचार हैं।। भारत देश महान है , इस बात का भान करा देंगे। विश्व गुरू भारत अपना, दुनियां…

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हिंदी कविता गांव पर :- गांँव की तो बातें ही निराली | Gaon Kavita

हिंदी कविता गांव पर हरी भरी हरियाली तेरी मोह लेती हो मन को मेरी, हमेशा अपनी याद दिलाती गांँव की तो बातें ही निराली। कही चौपल पर बैठ कर बड़े एक दूसरे से बाते करते, कहीं छोटे-छोटे बच्चे खेले और मुलाकाते करें, सब जगह खुशी का माहौल बने जैसे होली…

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कोरोना नहीं है एक बीमारी :- कोरोना पर कविता

कोरोना नहीं है एक बीमारी कोरोना नहीं है एक बीमारी, जान रहा है दुनिया सारी । यह तो है एक महामारी , जिसमें उलझे हैं दुनिया सारी ।। सूना सूना है धरती और समंदर इंसान बन गया है भूख से बंदर जिसके आगे ना टिका सिकंदर , डर से बैठा…

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मजदूर दिवस पर कविता :- कहते है मजदूर | Majdoor Kavita

मजदूर दिवस पर कविता प्रगति का आधार हूं मैं मुझको सब कहते है मजदूर, अमीरों की खड़ी करता इमारत अपने परिवार से रहकर दूर। कंधों पे उठाता देश का भार हंसते हंसते ईंटो को उठाकर, सुंदर महलों का करता निर्माण अपनी व्यथाओ को भुलाकर। सूरज की अति तीव्र धूप में…

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दोस्ती पर कविता :- तुमसा दोस्त मिला है | Dosti Par Kavita

बचपन के दोस्त के साथ गुजरे लम्हों पर कविता ( Dosti Par Kavita ) दोस्ती पर कविता :- दोस्ती पर कविता जबसे तुमसा दोस्त मिला है हर पल खुशियों का मेला है, स्वप्नो में भी तुम रहते संग मन तुम बिन न रहता अकेला है। जीवन में उसके आने से…

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किताबों पर कविता :- सफलता का मार्ग है | Poem On Books

किताबों पर कविता सफलता का मार्ग है किताबें योग्य बनते तुम इनको पढ़के, जीवन के समस्त रहस्य जानते पुस्तकों का अध्ययन करके। अमीर हो या फिर हो गरीब यह भेद भाव नही किसी से करती, जो इसको घनिष्ट मित्र बनाता उसकी झोली खुशियों से भरती। एकाग्रचित्त होकर जो तुम इनको…

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Adhyapak Par Kavita | अध्यापक पर कविता | Poem On Teacher

Adhyapak Par Kavita आप पढ़ रहे हैं Adhyapak Par Kavitaअध्यापक पर कविता समाज भूल गया आज रास्ता, मंजिल कहीं और है,चला कहीं और जाता है,कारण भी स्पष्ट है कि अध्यापक कीकद्र करना इसे कदापि नहीं आता है। पहले भगवान का दर्जा था,गुरू कह कर पुकारा जाता था,मां बाप से भी पहलेगुरू को सत्कारा…

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