हिंदी कविता आलोचक | Hindi Kavita Alochak
हरदीप बौद्ध जी की " हिंदी कविता आलोचक " :- हिंदी कविता आलोचक सुनो! आलोचकोंमेरी ख़ामोशी हीअनगिनत सवालों काजवाब है। तुम करते रहो प्रतिकारमुझे अच्छा लगता है,आपका खीझना व्यवहार। क्योंकि यही तो हैमेरे लक्ष्य की पतवार। इसी से मैं अपनी रगों मेंसाहस भरता हूँ,पर! मैं मौन रहूँ तो भीआपको क्यूँ…

