पुस्तक समीक्षा तुकतुक की रेल | Book Review Tuktuk Ki Rail

“ तुकतुक की रेल ” नाम के अनुसार ही इस किताब में हास्य-व्यंग्य के ऐसे डिब्बे फिट हैं जो 7 अलग-अलग स्टेशनों कि सैर करवाते हैं। हम बात कर हैं आदरणीय “ हरजीत सिंह तुकतुक ” जी द्वारा रचित “ तुकतुक की रेल ” किताब के बारे में। तो आइए जानते हैं किताब के बारे में…

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पतंग पर कविता – पतंगों की कहानी क्या | Poem On Kite In Hindi

Poem On Kite In Hindi - यमुना पाठक जी द्वारा रचित " पतंग पर कविता " Poem On Kite In Hindiपतंग पर कविता किसी का रंग है पीला, किसी का रंग है नीलाकिसी का रंग धूसर तो ,किसी का खूब चमकीला।पतंगों की कहानी क्या, हवा में तैरती कश्तीकभी तो डोर…

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बिटिया रानी पर कविता | Bitiya Rani Par Kavita

हंसराज जी की " बिटिया रानी पर कविता " :- बिटिया रानी पर कविता बेटी है घर की शान,बेटी के बिना घर वीरान। बेटी में ही रचा है ज़हान,बेटी जब ही तो है महान। बेटी हो कितनी ही पराई,बेटी है मां की परछाई। बेटी करे आज आह्वान,बेटी सब बने विद्धवान।…

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मनोबल पर कविता | Manobal Par Kavita

जलेश्वरी गेंदले जी द्वारा रचित " मनोबल पर कविता " :- मनोबल पर कविता मन तो मेरा आसमान में उड़ने का हैसोच नहीं है मेरी अब पीछे मुड़ने कीमन चाहा मुकाम पाने के अरमान हैंयही तो स्वयं का मनोबल है। पास आऊँ वो सारी बात सुनाऊँजिनसे मिली हैं खुशियां सारीजहाँ…

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हिंदी कविता आलोचक | Hindi Kavita Alochak

हरदीप बौद्ध जी की " हिंदी कविता आलोचक " :- हिंदी कविता आलोचक सुनो! आलोचकोंमेरी ख़ामोशी हीअनगिनत सवालों काजवाब है। तुम करते रहो प्रतिकारमुझे अच्छा लगता है,आपका खीझना व्यवहार। क्योंकि यही तो हैमेरे लक्ष्य की पतवार। इसी से मैं अपनी रगों मेंसाहस भरता हूँ,पर! मैं मौन रहूँ तो भीआपको क्यूँ…

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गन्दी राजनीति पर कविता | Gandi Rajneeti Par Kavita

आप पढ़ रहे हैं गन्दी राजनीति पर कविता :- गन्दी राजनीति पर कविता आजकल नेताओं में,लुटाने की होड़ मची है।कोई आ रहा इधर को,कोई भागता उधर को हैऐसा लगता है जैसे,गधों में घुड़दौड़ मची है।आजकल नेताओं में …….। BJP भगवा पर अड़ी है,साईकल भी तैयार खड़ी हैहाथी पर देखो माया…

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कविता मन बनाए होंगे | Kavita Man Banaye Honge

कविता मन बनाए होंगे - आप पढ़ रहे हैं कविता ( Kavita Man Banaye Honge ) - कविता मन बनाए होंगे चौदह जनवरी के आते ही तुमने,गुड तिल के लड़ूं तो बनाए होंगे। अब सर से पाप उतरने के लिए,गंगा मे भी डुबकी लगाए होंगे। अब खस्ता हालत पर काबू…

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Prabhat Kavita | हिन्दी कविता प्रभात | ब्रह्म मुहूर्त की बेला में

Prabhat Kavita - आप पढ़ रहे हैं हिन्दी कविता प्रभात " ब्रह्म मुहूर्त की बेला में " Prabhat Kavita ब्रह्म मुहूर्त की बेला में,कविता रची प्रभात।शीतलहर,तीखी ठंड,कर रही सीधा आघात। शांत पड़ा है शहर,दुबके पड़े है सब मंद।कोहरा छा रहा है,पड़ रही है तेज धूंध। मंदिर का सुन टंकारा,सबने ली…

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विश्व हिंदी दिवस पर कविता | Vishwa Hindi Diwas Par Kavita

विश्व हिंदी दिवस पर कविता - आप पढ़ रहे हैं ( Vishwa Hindi Diwas Par Kavita ) हिन्दी मेरी भाषा :- विश्व हिंदी दिवस पर कविता हिन्द भूमि से जुड़ी;भाषा हिन्दी कहलाय,शब्दों में सुगंध धरा की;हिन्दी खूब लुभाय। हिन्दू राष्ट्र का स्वाभिमान;हिन्दी में समाय,जनगण, वन्दे मातरम् का गान;शब्दामृत बरसाय। उत्सव,…

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कन्या भ्रूण हत्या पर कविता | Kanya Bhrun Hatya Par Kavita

Kanya Bhrun Hatya Par Kavita - आप पढ़ रहे हैं कन्या भ्रूण हत्या पर कविता :- कन्या भ्रूण हत्या पर कविताKanya Bhrun Hatya Par Kavita कमाल है सबजिसे देवी मानते हैं,लक्ष्मी,सरस्वती, दुर्गाकी तरह पूजते हैं। वंश को हमारेआगे बढ़ाए जो,हमें जीवन जीनासिखाए जो। कभी माँ की तरहदुलारती है,कभी बहन की…

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Guru Gobind Singh Ji Kavita | गुरु गोविंद सिंह जी पर कविता

Guru Gobind Singh Ji Kavita - आप पढ़ रहे हैं गुरु गोविंद सिंह जी पर कविता :- Guru Gobind Singh Ji Kavitaगुरु गोविंद सिंह जी पर कविता पुण्यश्लोक गुरु गोविंद सिंह की गाथा गाते हैं।जन्मदिवस को प्रकाश पर्व कह हम मनाते हैं। गुरु तेग बहादुर घर जन्मा देदीप्यमान सिताराईश्वर अंश…

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Tiranga Jhanda Poem In Hindi | तिरंगा पर कविता

Tiranga Jhanda Poem In Hindi - आप पढ़ रहे हैं तिरंगा पर कविता :- Tiranga Jhanda Poem In Hindiतिरंगा पर कविता पिता कौन क्यों है लेटा ?ओढ़े कफ़न तिरंगा,कंधों पर ले चार खड़े हैंआंख से बहती गंगा, बेटा बुला रहा है उनकोकरुणा से रो रोकर,गिरी धरा पर मां शिथिलसिंदूर अश्रु…

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