विरह गीत :- कोयलिया गीत सुनाती है | Virah Geet
आप पढ़ रहे हैं विरह गीत "कोयलिया गीत सुनाती है" :- विरह गीत कोयलिया गीत सुनाती है, कोयलिया गीत सुनाती है। गीत के गुन्जन से रग रग में विष सा छाती है। कोयलिया गीत...... प्रथम बार का मिलन आज , यादों में फिर है आया । स्वर्णिम पल जो बीत…

