पद्य कथा दो ठग :- बच्चों के लिए शिक्षाप्रद कविता | Shikshaprad Padya Katha Do Thug

पद्य कथा दो ठग एक लोककथा का पद्य रूपांतरण है इस कथा में दो ठग एक दूसरे को ठगने के फेर में खुद ही ठगी के शिकार हो जाते हैं। इस पद्य कथा में बच्चों को कहानी के माध्यम से एक दूसरे के साथ छल नहीं करने की शिक्षा दी…

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काश मेरी भी इक बहन होती | बहन पर कविता | Bahan Kavita

काश मेरी भी इक बहन होती जीवन में एक बहन का होना बहुत जरूरी है। जिस से आप अपननी बातें शेयर कर सकें। जो आपको माँ का प्यार दे। और या कारन हैं जिसके लिए बहन का होना जरूरी है। आइये पढ़ते हैं ( Bahan Par Kavita ) बहन पर…

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फौजी की कविता :- वीर सैनिक का संदेश | Veer Sainik Fauji Ki Kavita

भारत की रक्षा करने वाले सरहद पर तैनात सैनिकों को समर्पित " फौजी की कविता " :- फौजी की कविता नहीं मानता हूं मैं ऐसे, अनुबंधों प्रतिबंधों को, अरि दल मा का मस्तक छु ले, हम याद करें संबंधों को ।। हम भूलेंगे बैर भाव, वो बैर भाव अपनाएंगे, हमें…

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शहीद सैनिकों को समर्पित कविता :- तिरंगा फहरायेंगे | Shaheed Sainik Ke Liye Kavita

सरहद पर जब हमारे जवान देश की रक्षा करते हुए शहीद होते हैं तो सिर्फ उनके ही परिवार को नहीं बल्कि पूरे देश को उसका दुःख होता है। ऐसे में एक आम व्यक्ति की भावना क्या होती है? आइये पढ़ते हैं ( Shaheed Sainik Ke Liye Kavita ) शहीद सैनिकों…

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पिता दिवस पर कविता :- मेरे जीवन का आधार पिता

पिता महिमा का बखान करती हुयी ( Pita Diwas Par Kavita ) पिता दिवस पर कविता “ मेरे जीवन का आधार पिता ” पिता दिवस पर कविता पिता है सृष्टि का निर्माता प्रेम का आधार है आप । सर्वस्व शक्तिमान पिता है मेरे जीवन का आधार पिता । बच्चों का…

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हिंदी कविता हूँ मैं बेशरम | Hindi Kavita Main Hun Besharam

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता मैं बेशरम हूँ :- हिंदी कविता हूँ मैं बेशरम यूँ तो हम बेशरम ना थे मगर जमाने वालो ने हमें बनाया अगर अपनो के लिए आवाज उठाने से होता है बेशरम तो हाँ हूँ मैं बेशरम ।। अपने अधिकार के लिए लड़ने से होता…

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गंगा नदी पर कविता :- माँ गंगा | Poem On Ganga River Hindi

Poem On Ganga River In Hindi - धरती को अपे जल से पवित्र करती भागीरथी पर कविता , गंगा नदी पर कविता :- Poem On Ganga River In Hindi गंगा नदी पर कविता प्रचीन गौरवमयी अविरल धारा बहती ।। स्वर्ग , धरती ओर पाताल मे ।। माँ गंगा नाम से…

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हिंदी कविता जंग जीतना चाहते हैं | Jung Jeetna Chahte Hain

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता जंग जीतना चाहते हैं :- हिंदी कविता जंग जीतना चाहते हैं हर जंग जीतना चाहते हैं हम हर इम्तिहान में उतरना चाहते हैं हम । जो बस हम चाहें वो पा सकें, बस यही सीखना चाहते हैं हम। काश ! कोई सिखा दे मुझे…

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कविता गीत पटल के गाऊंगा | Kavita Geet Patal Ke

हिंदी कविता गीत पटल के गाऊंगा नाम पटल के सारा जीवन इक दिन मैं कर जाऊंगा, जब तक साँस चलेगी मेरी गीत पटल के गाऊंगा। फीकी फीकी सी लगती है चेहरे की लाली मेरी, धुंधलाया है दिन दिन में भी रातें बन गयी काली मेरी, कैसी है तकदीर ये मेरी…

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जन्म दिन पर शायरी ग़ज़ल | Janamdin Par Shayari Ghazal

नमस्कार दोस्तों मुझे बहुत बार लोग़ों ने ये कहा है कि मैं जन्म दिन पर भी कोई ग़ज़ल लिखूँ। तो इस लिए आज मैं आपका शायर 'यशु जान' अपनी क़लम से लेकर आया हूँ एक शानदार ग़ज़ल जो कि आज किसी ख़ास शख़्स के जन्म दिन पर ही लिख़ी गई…

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हिंदी कविता श्रृंगार | Hindi Kavita Shringar

हिंदी कविता श्रृंगार   "ना बाल बनाई , मैं काजल लगाई ना लाली लगाई , ना बिंदिया लगाई फिर भी झलकती है, तुझ में चांदनी क्योंकि तुझ में है ख्वाहिशों की रोशनी " "दर्पण भी है तेरे आगे फीका क्योंकि तूने पहन रखा है आशाओं का जोगा" "यह काजल, यह…

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हिंदी कविता गांव पर :- हर गांव हर शहर से अच्छा

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता गांव पर :- हिंदी कविता गांव पर हर गांव हर शहर से अच्छा सुविधा कम सही जीवन तो अच्छा। शुद्ध व्यंजनों का भोग करते न कभी कठिनाई से डरते। भाईचारे से हम सब रहते बाल्यकाल से यही सिखाते। चहूँ दिशा प्रकृति का श्रृंगार निराला…

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