पिता दिवस पर कविता :- मेरे जीवन का आधार पिता

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पिता महिमा का बखान करती हुयी ( Pita Diwas Par Kavita ) पिता दिवस पर कविता “ मेरे जीवन का आधार पिता  ”

पिता दिवस पर कविता

पिता दिवस पर कविता

पिता है सृष्टि का निर्माता
प्रेम का आधार है आप ।
सर्वस्व शक्तिमान पिता है
मेरे जीवन का आधार पिता ।

बच्चों का अरमान पिता
ईश्वर का ही रुप है आप ।
मां की बिंदी व सुहाग पिता
परिंदे का आसमान है आप ।।

खुशियों का आशीष पिता
स्थान है देवता से ऊंचा ।
अनुभव के सीढीयों द्वारा
मित्र से बढ़कर समझाया ।।

हौसला हर पल बढ़ाया है
आसमां का कद भी किया छोटा ‌।
मेरे लिए मेहनत कर लाएं
संसार को भी बौना बनाया ।।

दर्द को दबाकर छिपाते है
हार में भी खुश होते हैैं ।
कल्पतरु भी आप ही है
कांटो पर चलकर मुस्कराते हैं ।।

मुश्किल है गिनती करना
उपकार पिता ने जो है किया ।
पिता के उत्तर दायित्व का
निर्वहन करना है मुश्किल ।।

मेरे जीवन का आधार पिता ।।

पढ़िए :- पिता के ऊपर कविता | आंसुओं को हमारे


रचनाकार का परिचय :-

पं. अभिषेक कुमार दूबेनाम :- अभिषेक कुमार दूबे
पिता – श्री उमेश दूबे
माता – श्रीमती मीना देवी
कर्मकाण्डविद्
वेद विभूषण :- आर्षविद्या शिक्षण प्रशिक्षण सेवा संस्थान , मोतिहारी
वेदाचार्य (एम. ए.) “चत्वारि लब्ध स्वर्ण पदक प्राप्त”
शिक्षा शास्त्री :- सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी
एम. ए (संस्कृत ) :- राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय , फैजाबाद

प्रकाशन :- 10 शोधपत्र , 100+ लेख पत्रिका एवं दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित हो चुके हैं।

स्थाई निवास :- परसौनी खेम, चकिया, पूर्वी चम्पारण, बिहार

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