रिश्तों पर कविताएं ( Rishton Par Kavitayen )

माता – पिता . भाई – बहन , बेटा , चाचा – चाची , नाती – नातिन , दोस्त , प्रेमी – प्रेमिका , नाना – नानी आदि पर कविताएं

हिंदी गीत – आशीष तेरा माँ | Hindi Geet Aashish Tera Maa

हिंदी गीत - आशीष तेरा माँ हिंदी गीत - आशीष तेरा माँ तर्ज : ये बंधन तो प्यार का…. मंदिर में तेरे आकरअरदास करूं घबराकरसंकट हर ले माँ सारेमुझको गले लगा करतु है तो मैं क्यूँ चिंता करता हूँ ।तेरे होते मैं क्यूँ डरता हूँ ।। जब जब मैनें तुझको…

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स्वर्गीय माँ पर कविता – माँ नहीं हमारे पास | Swargiya Maa Par Kavita

स्वर्गीय माँ पर कविता स्वर्गीय माँ पर कविता धरती सूनी माँ सूना आँगनदेखो सूना है आकाश !बिना तुम्हारे सूना हैजीवन का मधुमास !तुम्ही बताओ खुद को कैसेआज यकीन दिलाऊँ !घर की चारदीवारी बोलेमाँ नहीं हमारे पास !! बिना तुम्हारे सूना हैजीवन का मधुमास !! माना मेरी साँसें भीआती जाती रहती…

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माँ के लिए गीत – माँ पुकारे बेटे तेरे | Maa Ke Liye Geet

माँ के लिए गीत माँ के लिए गीत माँ, पुकारे बेटे तेरे जल्दी से तुम आ जाओ।नयनो में जो प्यास जगी है आके उसे बुझा जाओ।। माँ, पुकारे बेटे तेरे…… दुर दुर से आए है सबजन तेरी झलक बस पाने को,सुबह से हो गई शाम रे मैया बैठे हैं भजन…

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Kavita On Papa In Hindi | पापा के लिए कविता 

Kavita On Papa In Hindi - आप पढ़ रहे हैं पापा के लिए कविता :- Kavita On Papa In Hindiपापा के लिए कविता मेरे लिए मेरा प्यार हैं मेरे पापाईश्वर का दिया हुआअनमोल उपहार हैं मेरे पापा मेरी एक पहचान हैं मेरे पापामेरी मुस्कान हैं मेरे पापामेरी जिंदगी मेरी जान…

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मां के ऊपर कविता | Maa Ke Upar Kavita

मां के ऊपर कविता मां के ऊपर कविता माँ तुझको देवी रूप मेंस्वीकार कर लिया,तेरी हर बात का हमनेऐतबार कर लिया,चाहकर भी तुमसे दूररह ना पायेंगें हम कभी,काश हमको मिल जातेतुमसे वो अधिकार सभी,तेरी भक्ति के रंग मेंसरोकार कर लिया। माँ तुझको देवी रूप मेंस्वीकार कर लिया। एक जन्म नहीं…

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जननी पर कविता – प्रेम की अविरल नदी मैं | Janani Par Kavita

आप पढ़ रहे हैं जननी पर कविता " प्रेम की अविरल नदी मैं " जननी पर कविता प्रेम की अविरल नदी मैंतु स्नेह का सागर है माँ,चीर कर दीर्घ लहरों कोमैं तुझमें मिलना चाहता हूँ, अंजुरी में ले शुभ्र कमलऔर पावन शुचित नीर,कर समर्पण खुद को मैंचरणों में उतरना चाहता…

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Maa Ke Upar Kavita | माँ के ऊपर कविता

Maa Ke Upar Kavita Maa Ke Upar Kavita विपदाओं का करता स्वागतनित नित बाँह पसार कर,नव निर्माण करो अब माँबीता हुआ बिसार कर। सुख दुःख जीवन के साथी हैसंग गाते हँसते रोते हैछुपी हुई आशाओं सेधुंधली दृष्टि को धोते हैतेरी ममता की छाँव से मैंआया हूँ जग को हार करकद…

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Emotional Maa Par Kavita | माँ पर भावुक कविता

Emotional Maa Par Kavita - आप पढ़ रहे हैं माँ पर भावुक कविता " माँ दर्द बहुत है सीने में " :- Emotional Maa Par Kavita वो पहले सी हसरत अबनहीं रही है जीने में।आँचल में अपने छिपा लेमाँ दर्द बहुत है सीने में।। दर-दर ठोकर खाई मैंनेपर पीड़ा को…

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बदलते रिश्ते कविता | Badalte Rishte Kavita

पढ़िए रामबृक्ष कुमार जी की " बदलते रिश्ते कविता " बदलते रिश्ते कविता अब तो रिश्तों पर भरोसा न रहा रिश्तों का रंगअपनों के संग होते हैं गाढ़ेसदा के लिएन होते दुरंग न होंगेकभी भीन बदलेंगे ये बनते रिश्ते, ये पवित्रअनमोलसुवाचमजबूत भरोसे पर टिका रिश्ता न रहा,अब तो रिस्तों पर भरोसा…

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बेटी पर कविता – मन की मार | Beti Par Kavita

प्रस्तुत है रामबृक्ष कुमार जी द्वारा रचित " बेटी पर कविता - मन की मार " :- बेटी पर कविता - मन की मार बन अभिशाप जगत में बेटीमैं छिप कर क्यों जीवन जीतीकिसे सुनाऊं कौन सुनेगा किससे दिल की बात कहूं मैं?कब तक मन की मार सहूं मैं? मुझसे…

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माँ पर कविता | Maa Par Kavita

पढ़िए प्रज्ञा श्रीवास्तव "प्रज्ञांञ्जलि" जी द्वारा रचित माँ पर कविता :- माँ पर कविताMaa Par Kavita माँ इबादत है पूजा है,माँ भगवान का नाम दूजा है। माँ ममता का झरना है,माँ की दुआओं में ही फूलना फलना है। माँ आशाओं का पलना है,माँ के आशीर्वाद से ही जीवन भर चलना…

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Apno Par Kavita | अपनों पर कविता | Poem Dedicated To Family

Apno Par Kavita - आप पढ़ रहे हैं माँ पापा की याद में कविता - Apno Par Kavitaअपनों पर कविता माँ-पापा के श्वास-श्वास कीमैं धड़कन सुन लेता हूँ,अपनों से पाके प्यार मुहब्बतयूँ कविता बुन लेता हूँ। घर की चार दीवारी में देखोसब हिस्से घूम रहे है,आँगन में चारों भाई-बहन केसब किस्से घूम रहे है, होंठों पे…

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