Paryavaran Par Kavita | पर्यावरण पर कविता | Save Environment
आप पढ़ रहे हैं ( Paryavaran Par Kavita ) पर्यावरण पर कविता :- पर्यावरण पर कविताParyavaran Par Kavita शस्य-शस्य द्रुम दल हैंवसुन्धरा का आवरणप्रकृति से सौगात मिलीकिया धरा ने सहर्ष वरण ।। सघन वनों से सजी अवनि थीआलौकिक, मोहक था संसारखिलते,मुस्काते थे सुमन अनंतअलि, कलियाँ संग करते,मृदुल झंकार। तृप्ति,स्मित,रश्मियों के…

