Samay Par Kavita | समय पर कविता | Inspirational Poem On Time

Samay Par Kavita आप पढ़ रहे हैं ( Samay Par Kavita ) समय पर कविता :- समय पर कविताSamay Par Kavita समय समय का फेर है, समय बड़ा बलवान।काबा लूटी गोपियां, वही अर्जुन वही बाण। समय की कीमत जान, होता है बड़ा मूल्यवान।चिड़िया चुग गई खेत, फिर पछताए किसान। समय…

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माँ की याद कविता | Maa Ki Yaad Kavita

आप पढ़ रहे हैं ( Maa Ki Yaad Kavita ) माँ की याद कविता :- माँ की याद कविता   माँ तुम बिन क्या हाल हुआ पल-पल सदियाँ कहती है, लौट आओ तुम फिर से माँ अखियों से नदियाँ बहती है, तुम बिन कैसे जीते हैं सब इक पल ये…

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गंगा जी पर कविता :- गंगा नदी ही नहीं है | Ganga Ji Par Kavita

आप पढ़ रहे हैं गंगा जी पर कविता :- गंगा जी पर कविता गंगा नदी ही नहीं है, हमारी संस्कृति का प्रतीक है।। गंगा के प्रवाह में विहित ऊर्जा की वह दिव्य शक्ति है।। गंगा की वेदना ... कही नहीं जाती हैं, वह दिन पे दिन प्रदूषित होती जाती हैं।।…

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हिंदी कविता चन्दा मामा | Hindi Kavita Chanda Mama

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता चन्दा मामा :- हिंदी कविता चन्दा मामा चंदा मामा चन्दा मामा चन्दा मामा! अब तो सूरज ढल गयी है निकलो मामा!! चंदा मामा चन्दा...........! आसमान में घना अंधेरा छाया देखो! निशा ने घनघोर अंधेरा लाया देखो!! चंदा मामा चन्दा........! गोल-मटोल चेहरा अपना दिखलाओ मामा!…

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बुद्ध पूर्णिमा पर कविता | Buddha Purnima Par Kavita

आप पढ़ रहे हैं बुद्ध पूर्णिमा पर कविता  :- बुद्ध पूर्णिमा पर कविता संसार के ख़ातिर जो त्यागें ख़ुद की इच्छा, बुद्ध वही हैंत्यागकर महलों की सुविधा मांगें भिक्षा, बुद्ध वही हैंमानव के कल्याण ख़ातिर ले ले दीक्षा, बुद्ध वही हैंप्रयास से जिसके जगत की दूर हो तृष्णा, बुद्ध वही…

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कविता सोच रही हूँ मैं | Kavita Soch Rahi Hu Main

आप पढ़ रहे हैं कविता सोच रही हूँ मैं :- कविता सोच रही हूँ मैं सन्नाटे में किसकी आवाज़ सुनाई देती है अंधेरे में क्यों आहट महसूस होती है तनहा दीवारें क्यों चिल्ला रही जाने किसकी यादें कानों में गूंज रही डर से दोस्ती अच्छी नहीं पता था मुझे पर…

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हिंदी कविता वार्ड में | Hindi Kavita Ward Me

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता वार्ड में :- हिंदी कविता वार्ड में क्या ख़ुशनुमा थी ज़िंदगी पर अचानक यूँ तारीकियाँ बटोरने की जुगत में लड़खड़ाते हुए ज़िंदगी की फिसलन में अपने जज़्ब में ही जाकर गिर जाना ग़म-ए-दौरां लिए हुए कदमों का मायूसी में अनायास ही धँस जाना फिर एक दलदली मिट्टी…

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कविता प्यारी नन्ही परी | Kavita Pyari Nanhi Pari

आप पढ़ रहे हैं ( Kavita Pyari Nanhi Pari ) कविता प्यारी नन्ही परी :- कविता प्यारी नन्ही परी नन्ही परी है मां की छाया हमेशा रहती मां का साया संसार दुनिया को रचती है अद्भुत होती इसकी माया छोटी सी है काया। तन मुट्ठी में समाया। बंद आंखें करे…

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हिन्दी कविता राष्ट्र धर्म के प्रबल प्रताप | Kavita Rashtra Dharm

आप पढ़ रहे हैं हिन्दी कविता राष्ट्र धर्म :- हिन्दी कविता राष्ट्र धर्म राष्ट्र धर्म के प्रबल प्रताप के हो ताप आप, भारती के मान के गुमान को बढाइये । पुण्य कर्म पाल, हे वसुंधरा के लाल ज्वाल, वीरता से युक्त स्वाभिमान को बचाइये ।। संघर्ष के उत्कर्ष से आदर्श…

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हिंदी कविता प्रीत रीत के लिए | Hindi Kavita Preet Ke Liye

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता प्रीत रीत के लिए :- हिंदी कविता प्रीत रीत के लिए तूं है चन्द्र किरन सी प्यारी चंचल चित्त करत किलकारी देवी है या देव अवतारी प्रीत रीत के लिए तूं है रोम रोम खूबसूरत मन भावन है तेरी मूरत मुझको तेरी बहुत जरूरत…

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हिंदी कविता आदमी | Hindi Kavita Aadmi

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता आदमी :- हिंदी कविता आदमी आदमी आदमी को खाने दौड़ रहा है आदमी ही है जो आज दवाखाने दौड़ रहा है वो अस्पतालों के बाहर ऑटो में आरामफ़रमा मांसपेशियों में जकड़ा कुर्सी पर कहीं जमा ढेरों ट्यूब लगाए , बुज़ुर्गी में निरीह कहीं तड़पता…

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Maa Par Kavita In Hindi | माँ पर कविता

आप पढ़ रहे हैं ( Maa Par Kavita ) माँ पर कविता :- Maa Par Kavita माँ पर कविता मां की डांट में भी छुपा है , मां का प्यार हाथो का दुलार।। मुंह पर है मीठी मुस्कान हंसी ठिठोली का साथ ऐसा है , मां का प्यार।। मां शब्द…

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