हिंदी कविता मैं लिखता रहूंगा | Kavita Mai Likhta Rahunga
आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता मैं लिखता रहूंगा :- हिंदी कविता मैं लिखता रहूंगा मैं आज नहीं चिंगारी हूँ, पत्थरों में भी दिखता रहूंगा। मैं अपनी बोली, वचनों को, शब्दों में लिखता रहूंगा। मैं लोगों की व्यथा, ख़ुद की कथा, को सुनता, सुनाता रहूंगा। मैं विस्तार नहीं, आरम्भ हूँ,…

