कविता सारी उम्र गुजारी हमने | किसान के दर्द पर कविता
आप पढ़ रहे हैं ( Kavita Sari Umra Gujari Humne ) किसान के दर्द पर कविता सारी उम्र गुजारी हमने :- कविता सारी उम्र गुजारी हमने सारी उम्र गुजारी हमने, किसान बन खेती करने में। शीत,ताप सब सहते है, पीछे नही श्रम करने में। भोर हुई निकल पड़ते, ले कुदाली…

