हिंदी कविता चांदनी रात | Hindi Kavita Chandni Raat

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता चांदनी रात :- हिंदी कविता चांदनी रात यह चांदनी रात कितनी निराली यह तो मदवाली है।। श्वेत चंद्रमा रजत रश्मियां, रूप यौवन से अपनी छटा बीखराती।। चांदनी रात में सुंदर रूप वसुंधरा का आंचल महाकाती ।। सतरंगी पुष्प - लताओं से करती श्रृंगार खेत…

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भगवान राम पर दोहे | Tulsidas Ke 33 Best Dohe | Ram Ji Ke Dohe

Ram Ji Ke Dohe |भगवान राम पर दोहे आप पढ़ रहे हैं तुलसीदास जी द्वारा रचित भगवान राम पर दोहे अर्थ सहित :- Ram Ji Ke Doheभगवान राम पर दोहे नाम राम को अंक है सब साधन हैं सून।अंक गएँ कछु हाथ नहिं अंक रहें दस गून॥ अर्थ - राम-नाम…

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हिंदी कविता सुन्दरता की देवी | Hindi Kavita Sundarta Ki Devi

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता सुन्दरता की देवी :- हिंदी कविता सुन्दरता की देवी सुन्दरता की देवी हो तुम, तन सुन्दर है, मन सुन्दर है। बुरा ना मानो हे सुकुमारी, तो कह दूं यौवन सुन्दर है।। मुखमंडल पे निखार ऐसा, चक्षु चौंधियांते हैं मेरे, नैनों में मदहोशी ऐसी, जैसे…

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देवी पर कविता | Devi Stuti Kavita | Beautiful Poem

आप पढ़ रहे हैं देवी पर कविता :- देवी पर कविता शुभ्र शुचिता शुभम, श्वेत पदमासनम,सर्वगुणसम्पदम, त्वम विनय वारिधि ।।शारदे पूण्यतम, पथ पुनितम परम,मंगलम स्नेह, सुख वर्धिनी, स्वरनिधि ।।विंध्य गिरी ऊर्ध्व शोभित, भुवन वंदिनी,कृष्ण कुल हित जनित, सन्त सुख स्वासुधि ।।मधु पुहुप पोषितम, रक्षितम अम्ब त्वम,इप्सितम, मम हितम वर दे…

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अनुराग पर कविता | Anurag Par Kavita

आप पढ़ रहे हैं अनुराग पर कविता :- अनुराग पर कविता अनुराग के बिना, जीवन होता है नीरस। प्रेम की गंगा में ही, बहता‌ है अमृत रस। कवि मन प्रेम रस में डूब, छेड़ता है जब वीणा के तार। झूम उठते है दीवाने, प्रेम में वीणा की झंकार। हे प्रिय…

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हिंदी कविता रक्त उबलते देख रहा हूँ | Kavita Rakt Ubalte

वर्ष 2021, गणतंत्र दिवस के मौके पर उपद्रवियों द्वारा लाल किले पर अभद्रता और हुड़दंग मचाने की घटना की कवि हृदय से भर्त्सना करती हुयी हिंदी कविता रक्त उबलते देख रहा हूँ :- हिंदी कविता रक्त उबलते देख रहा हूँ लाल किले की चिर प्राचीर के रक्त उबलते देख रहा…

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हिंदी कविता मैं लिखता रहूंगा | Kavita Mai Likhta Rahunga

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता मैं लिखता रहूंगा :- हिंदी कविता मैं लिखता रहूंगा मैं आज नहीं चिंगारी हूँ, पत्थरों में भी दिखता रहूंगा। मैं अपनी बोली, वचनों को, शब्दों में लिखता रहूंगा। मैं लोगों की व्यथा, ख़ुद की कथा, को सुनता, सुनाता रहूंगा। मैं विस्तार नहीं, आरम्भ हूँ,…

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बहन के लिए कविता | Bahan Ke Liye Kavita

आप पढ़ रहे हैं बहन के लिए कविता :- बहन के लिए कविता बहन तो गुड़िया है मेरी, ओर मम्मी पापा है जान। मज़ाक मस्ती खूब वो करती, है उसका भय्या ही अभिमान। उसकी हर सुख दुःख खातिर, निछावर रहती हैं जान। बहन तो गुड़िया है मेरी, उसको भय्या का…

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जब नाराज होगी प्रकृति | पुस्तक समीक्षा

जब नाराज होगी प्रकृति - पुस्तक समीक्षा काव्य संग्रह ( जब नाराज होगी प्रकृति ) - निमिषा सिंघल जैसे समुद्र छुपा लेता है सारे शोर... नदियों, जीव जंतुओं के.. कविताएं भी मेरे लिए समुद्र से कम न थी! मैं भी कविता होना चाहती हूं... कविता को लेकर ये आसक्ति.. ये…

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हरि सिंह नलवा पर कविता | Poem On Hari Singh Nalwa

हरि सिंह नलवा पर कविता - महाराजा रणजीत सिंह के शासन काल मे मुहम्मद शाह नाम के अफगानी लुटेरे ने भारत पर चढ़ाई की, और उसका प्रतिरोध करने के लिए महाराजा रणजीत सिंह के महान योद्धा हरीसिंह नलवा ने कुशल नेतृत्व के साथ लड़ाई लड़ी। उनकी इसी वीरता को समर्पित…

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आया होली का त्योहार कविता | Kavita Aya Holi Ka Tyohar

आप पढ़ रहे हैं कविता आया होली का त्योहार :- आया होली का त्योहार आया होली का त्योहार, लाया खुशियों का अंबार, प्रफुल्लित हो पूरा परिवार मजा आ जाएगा ।। तो कुछ हों रंग गुलाबी लाल, गाल पे रंग दूं तेरे गुलाल, ये मौका मिल जाए हर साल मज़ा आ…

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हिंदी कविता गुमराह | Hindi Kavita Gumrah

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता गुमराह :- हिंदी कविता गुमराह हम मनाते रहे बार बार, वो हर बार बिछड़ बैठे। मुझे यकीन था जिसपर, वो हमें ही गुमराह कर बैठे। हम देते रहे राह उसे, वो मेरा ही पथभर्ष्ट कर बैठे। नशे के नाम से दूर रहते हैं हम,…

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