कविता पिता के लिए :- कभी धरती और आसमान है पिता
आप पढ़ रहे हैं कविता पिता के लिए :- कविता पिता के लिए कभी धरती और आसमान है पिता, मेरा अभिमान व स्वाभिमान है पिता,, बेशक जन्म दिया है मां ने पर, मेरी परवरिश का आधा ज्ञान है पिता, जो बचपन में मनमानी की थी मैने, हर उस जिज्ञासा की…

