कविता कितना आसान होता है | Kavita Kitna Asaan Hota Hai

आप पढ़ रहे हैं कविता कितना आसान होता है :- कविता कितना आसान होता है कितना आसान होता है ये कहना कि तुम समझ नहीं सकते, कितना आसान होता है ये मानना कि तुम समझ नही सकते। कितना आसान होता है ये सोचना कि तुम समझ नहीं सकते, कभी सोचा…

Continue Readingकविता कितना आसान होता है | Kavita Kitna Asaan Hota Hai

भारत के रीति रिवाज कविता ( बारह मासा ) भाग – 2

" भारत के रीति रिवाज कविता भाग--1" में मास-- चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़ और श्रावण के महीनों में चलने वाले त्यवहारों और गतिविधियों का वर्णन है । अब शेष महीनों का चित्रण प्रस्तुत भाग में किया जा रहा है। भारत के रीति रिवाज कविता मास-- भादौं काली घटा घनघोर घटा,…

Continue Readingभारत के रीति रिवाज कविता ( बारह मासा ) भाग – 2

भारत देश के रीति रिवाज ( बारहमासा ) | Bharat Ke Riti Riwaj

हमारे देश भारत वर्ष में पूरे वर्ष बारहों महीने अलग अलग तरीकों से पृथक् पृथक् त्योहार मनाने और गतिविधियां करने की परम्परा है , जो कि सम्पूर्ण विश्व में अद्भुत हैं । प्रस्तुत रचना " भारत देश के रीति रिवाज ( बारहमासा ) " में प्रत्येक महीने की परम्पराओं का…

Continue Readingभारत देश के रीति रिवाज ( बारहमासा ) | Bharat Ke Riti Riwaj

भ्रष्टाचार पर कविता :- देश के सारे भ्रष्टाचारी

आप पढ़ रहे हैं भ्रष्टाचार पर कविता :- भ्रष्टाचार पर कविता इस देश के लिए हम मर मिटेंगे, देश के सारे भ्रष्टाचारी अब पिटेंगे। फर्जीवाड़ा करके बना दिया श्मशान, चली गई उसमें कितने लोगों की जान। जिधर देखूं उधर सब भ्रष्टाचारी नजर आते, यह कभी नहीं सुधरेंगे देश के गद्दार…

Continue Readingभ्रष्टाचार पर कविता :- देश के सारे भ्रष्टाचारी

हिंदी कविता मुन्ने की पोथी | Hindi Kavita Munne Ki Pothi

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता मुन्ने की पोथी :- हिंदी कविता मुन्ने की पोथी मेरी पोथी हो सबसे न्यारी। न ज्यादा मोटी न भारी। मुझे लगती है बड़ी प्यारी। उसमें खूब सारे हो चित्र। मैं खूब करू उनसे बातें। मेरा हो पन्ना उसमें एक। मैं काम करूं सारी रातें। उसमें…

Continue Readingहिंदी कविता मुन्ने की पोथी | Hindi Kavita Munne Ki Pothi

विश्व हिंदी दिवस पर छोटी कविता | Vishva Hindi Diwas Kavita

आप पढ़ रहे हैं विश्व हिंदी दिवस पर छोटी कविता :- विश्व हिंदी दिवस पर छोटी कविता हिन्दी भाषा हो हर मन की । भाषा बन जाये यह जन जन की ।। हिन्दी भाषा अपनी भाषा, सब में यह अभिमान हो । समृद्ध बने हिन्दी भाषा, कहीं नहीं अपमान हो…

Continue Readingविश्व हिंदी दिवस पर छोटी कविता | Vishva Hindi Diwas Kavita

समय का महत्व कविता – है पास तुम्हारे शेष समय

आप पढ़ रहे हैं ( Samay Ka Mahatva Kavita ) समय का महत्व कविता :- समय का महत्व कविता उड़ती तितली कह कर गईहै पास तुम्हारे शेष समय।जीवन को खुश होकर जीरिक्त कर तू हृदय से भय।। व्यतीत पल ना फिर आएंगेभविष्य में फिर होगा अफसोस।पुनःसपने तेरे ना तुझे पुकारेंगेसदैव…

Continue Readingसमय का महत्व कविता – है पास तुम्हारे शेष समय

गुल्लक पर कविता :- बचत करना है जरूरी | Gullak Par Kavita

आप पढ़ रहे हैं ( Gullak Par Kavita ) गुल्लक पर कविता :- गुल्लक पर कविता बचत करना है जरूरी, बच्चों की डालो आदत। जेब खर्च से सीखे बचाना, फिजूलखर्ची की मत दो इजाजत। बचपन में पड़ी अच्छी आदत, कभी भी नहीं भुली जाती। मितव्ययी बने सब, बच्चे हो या…

Continue Readingगुल्लक पर कविता :- बचत करना है जरूरी | Gullak Par Kavita

नए साल पर हिंदी कविता :- नया साल है आया

आप पढ़ रहे हैं नए साल पर हिंदी कविता :- नए साल पर हिंदी कविता गुलशन महका, चमन महका महक रही हर डाली डाली, मन की बगिया में नए फूल खिले हैं फिजा भी चल रही है मतवाली। साल पुराना बीत गया चाहे जैसा भी था अब नए साल पर…

Continue Readingनए साल पर हिंदी कविता :- नया साल है आया

नव वर्ष की कविता :- उत्साह है नव वर्ष का | Nav Varsh Kavita

आप पढ़ रहे हैं नव वर्ष की कविता :- नव वर्ष की कविता उत्साह है नव वर्ष का, उल्लास और हर्ष का। जाते वर्ष ने बहुत कुछ बताया, धैर्य संयम से हमें जीना सिखाया। कुछ ने इसमें नाम पाया, कुछ ने अपना काम खोया। खुशियों के भरे चारों तरफ कल…

Continue Readingनव वर्ष की कविता :- उत्साह है नव वर्ष का | Nav Varsh Kavita

नया साल पर कविता :- नया साल आया है | Naya Saal Kavita

आप पढ़ रहे हैं ( Naya Saal Par Kavita ) नया साल पर कविता :- नया साल पर कविता नया साल आया है संग ये नई उमंगे लाया है, पिछले वर्ष दुःख मिले थे जो ये उन्हें भुलाने आया है। नए-नए सपने ये लाया है अब हमें इतिहास बनाना है,…

Continue Readingनया साल पर कविता :- नया साल आया है | Naya Saal Kavita

हिंदी कविता बदलना अपना दृष्टिकोण | Badalna Apna Drishtikon

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता बदलना अपना दृष्टिकोण :- हिंदी कविता बदलना अपना दृष्टिकोण चलो स्वयं से निर्णय करें हम विपत्ति का खोजेगे समाधान। एकाग्र अगर हम हो सके तो पत्थर में प्रकट होंगे भगवान।। पथ में होंगे अनेकों अनुभव कभी चंचल मन मानेगा हार। प्रयास करना व्यर्थ ही…

Continue Readingहिंदी कविता बदलना अपना दृष्टिकोण | Badalna Apna Drishtikon