नया साल पर कविता :- नया साल आया है | Naya Saal Kavita

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नया साल पर कविता

नया साल पर कविता

नया साल आया है
संग ये नई उमंगे लाया है,
पिछले वर्ष दुःख मिले थे जो
ये उन्हें भुलाने आया है।

नए-नए सपने ये लाया है
अब हमें इतिहास बनाना है,
अपने नेक इरादे कर लो
ये उम्मीद जगाने आया है।

भूलकर सभी शिकवे गिले
खुलकर अब हम मिलेंगे गले,
अब कहीं नही उदासी रहे
सभी को हर खुशियां मिलें।

जो हुआ वो बीती बातें थीं
ये प्रीत बढ़ाने आया है,
नया साल आया है
संग ये नई उमंगे लाया है।

पढ़िए :- नव वर्ष पर कविता | अंततम और नूतन बरस


रचनाकार का परिचय

हरदीप बौद्ध

यह कविता हमें भेजी है हरदीप बौद्ध जी ने गाँव अखत्यारपुर जिला बुलन्दशहर (उत्तर प्रदेश) से।

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