पितृपक्ष पर कविता | Pitru Paksha Par Kavita
आप पढ़ रहे हैं पितृपक्ष पर कविता :- पितृपक्ष पर कविता प्रत्यक्ष पितृपक्ष के उपलक्ष के समक्ष हो, नमन करूं विभुतियों के दिव्य योगदान को । पुरुषत्व के महत्व का पर्याय जो बनते रहे, कृतज्ञ भाव से सहेजते रहूं सम्मान को ।। प्रखर प्रवीर वीर धीर सारथी गंभीर बनके, मातृभूमि…

