Shikshak Par Kavita | शिक्षक पर कविता Perfect Poem On Teacher In Hindi

Shikshak Par Kavita – इस विषय हम अपनी रचनाओं कुछ भी लिख ले शायद वह कमतर ही होगा । मेरे जीवन मे आए एवं सभी आचार्यो, शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर अपनी कुछ पंक्तिया समर्पित करता हूँ ” शिक्षक पर कविता ” के जरिए :-

Shikshak Par Kavita
शिक्षक पर कविता

Shikshak Par Kavita

शिक्षक बिना शिक्षा नहीं,
शिक्षक गुणों की खान ।
शिक्षा बिना शिष्य नही,
शिक्षकों को बनाएं महान ।।

शिक्षक माँ संस्कारों से पालन पोषण करती,
शिक्षक पिता उंगली पकड़ चलने की राह दिखाते ।
शिक्षक रिस्ते नाती नित नए रंग ढंग सिखाते ,
शिक्षक सुदूर राहों को आलौकिक करते ।।

अज्ञानी शिष्य अगर है नाव ,
ज्ञान शिक्षा अगर है पतवार ।
बन केवट शिक्षक हमें ,
ले जाते भवसागर के पार ।।

मानव जीवन के कर्मपथ पर ,
प्रगति की कमान शिक्षकों के हाथ ।
समाज को बनाते प्रगतिशील ,
ज्ञान अनुभव से नित करते प्रकाशमान।।

अज्ञान ओर अंधेरो मैं भी ,
शिक्षक है ऊर्जामय दीपक समान।
प्राचार्यों आचार्यो शिक्षाविदों ओर ,
शिक्षकों की महिमा है महान ।।

चरित्र संस्कार संस्कृति के सृजक ,
ज्ञान विज्ञान अनुसंधान के ध्वज रक्षक।
अज्ञान अवगुणों के नाशक,
ज्ञान विवेक के संरक्षक।।

शिक्षक है चिंतक राष्ट्र निर्माण मे निर्णायक,
निंदक की परवाह बगैर सत्यपथ के प्रदर्शक।
प्रशंसा चाहे बिना करते जाए अपना नितकाम,
शिक्षक है सृस्टि मे धर्म कर्म उत्थान के संरक्षक।।

सभी गुरुजनों के चरणों मे ,
श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ ।
उनकी कृपा से नई राह मिली,
नित उनको शीश नवाता हूँ ।।


भगत सिंह

यह कविता हमें भेजी है भगत सिंह जी ने दिल्ली से।

“ शिक्षक पर कविता ” ( Shikshak Par Kavita ) आपको कैसी लगी? Shikshak Par Kavita के बारे में कृपया अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे रचनाकार का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढ़ने का मौका मिले।

यदि आप भी रखते हैं लिखने का हुनर और चाहते हैं कि आपकी रचनाएँ हमारे ब्लॉग के जरिये लोगों तक पहुंचे तो लिख भेजिए अपनी रचनाएँ hindipyala@gmail.com पर या फिर हमारे व्हाट्सएप्प नंबर 9115672434 पर।

हम करेंगे आपकी प्रतिभाओं का सम्मान और देंगे आपको एक नया मंच।

धन्यवाद।

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published.