हिंदी कविता दिल की धड़कन | Hindi Kavita Dil Ki Dhadkan
आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता दिल की धड़कन :- हिंदी कविता दिल की धड़कन अपनी ही बातो में खुद को संवार लेती हूं, सुनसान रातों को गहराइयों में उतार लेती हूं। कभी कभी टपक जाती हैं बारिश की बूंदे, बूंदों में अधधुली धरा के मोती बुहार लेती हूं। चांद…

