ग़ज़ल कन्हैया आप मुझको | Ghazal Kanhaiya Aap Mujhko

मीरा बन कर भगवान श्री कृष्ण को दर्शन देने के लिए प्रार्थना करती हुई एक भक्त की ग़ज़ल कन्हैया आप मुझको :- ग़ज़ल कन्हैया आप मुझको कन्हैया आप मुझको क्यों नहीं मीरा समझते हो। नहीं कोई यहाँ मेरा तुम्हीं पीड़ा समझते हो।। मुझे तुम भूल मत जाना कहे देती अभी…

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कृष्ण पर कविता :- तुझ संग प्रीत लगाई कृष्णा

भगवान श्री कृष्ण के चरणों में एक दर्शनअभिलाषी भक्त की करुण पुकार पर कविता " कृष्ण पर कविता " कृष्ण पर कविता तुझ संग प्रीत लगाई कृष्णा कृष्णा कृष्णा हो कान्हा। आओ कन्हाई आओ कन्हाई।। तुझ संग प्रीत लगाई कृष्णा-- कान्हा तूने राधा से प्रीत लगाई। प्रीत लगा के कैसे…

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माँ पर कुछ पंक्तियाँ | एक तुम्हारा होना माँ Best Poem For Mother

माँ पर कुछ पंक्तियाँ माँ जब होती है तो जीवन आनंदमयी होता है। वह खुद तकलीफें सह लेती है लेकिन अपने बच्चों को हमेशा खुश रखती है और घर को स्वर्ग बना कर रखती है। इसी विषय पर प्रस्तुत हैं माँ पर कुछ पंक्तियाँ :- माँ पर कुछ पंक्तियाँ एक…

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परशुराम पर कविता :- हे धीर वीर परशुराम

हमारे सामाज में फ़ैल रही बुराइयों का अंत करने के लिए परशुराम से को आकर पाप मिटाने की प्रार्थना पर कविता " परशुराम पर कविता " परशुराम पर कविता हे धीर वीर परशुराम आज धरा पर आ जाओ। ले कृपाण फिर हाथ प्रभू धरती का भार मिटाओ। गली गली में…

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स्त्री पर कविता :- उड़ना चाहती थी | Stree Par Kavita

स्त्री पर कविता स्त्री के प्रति हमारे समाज में बहुत पुरातन समय से यह धारणा चली आती रही है कि वो कभी भी पुरुष की बराबरी नहीं कर सकती। स्त्री की इसी व्यथा को बयान कर रही है यह स्त्री पर कविता :- Stree Par Kavitaस्त्री पर कविता उड़ना चाहती…

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पावस ऋतु पर कविता :- श्यामल काली घटा | Pavas Ritu Par Kavita

बारिश की रिमझिम बूंदों के दृश्य का वर्णन करती पावस ऋतु पर कविता " श्यामल काली घटा " :- पावस ऋतु पर कविता मैं देख दंग रह गया छवि छटा! नीलनभ में श्यामल काली घटा!! मानो वह वर्षासुन्दरी की आँखो की हो काजल ! उसे देख मन मेरा हो रहा…

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वतन पर कविता :- ये है मेरा वतन | Watan Par Kavita

देश प्रेम की भावना से ओत-प्रोत वतन पर कविता " ये है मेरा वतन " :- वतन पर कविता ये है मेरा वतन मेरा गंगा जमन। ये देश है गौतम गांधी काये देश है नेहरू शास्त्री कायहाँ तिरंगा प्यारा हैयहाँ गंग जमुन की धारा हैमेरा तन मन मेरा है जीवन।…

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हिंदी कविता इक प्रार्थना :- तुझे मनाने आई हूँ

कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर भगवान कृष्ण से आशीर्वाद प्राप्त करने की अभिलाषा से लिखी गयी ( Hindi Kavita Ik Prarthna ) हिंदी कविता इक प्रार्थना हिंदी कविता इक प्रार्थना कान्हा तेरे जन्मदिन की बधाई तुझे बारम्बार देती हूँ, मुश्किलों में संभाला तूने दुहाई इसकी देती हूँ। स्नेह के…

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चिड़िया पर हिंदी कविता :- चिड़िया रानी | Chidiya Par Kavita

सुबह-सुबह चहचहाने वाले और उड़ कर दाने की तलाश में जाने वाली चिड़िया पर हिंदी कविता :- चिड़िया पर हिंदी कविता चिड़िया रानी चिड़िया रानी डाल डाल पर जाती हो सूरज की सुबह लाली में मधुर तान सुनाकर सबको रोज जगाती हो। खूब करती मेहनत, जीवन पथ पर अथक बढ़ती…

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हिंदी कविता कौन थी वो :- प्रशांत त्रिपाठी द्वारा रचित कविता

किसी खास की याद में हिंदी कविता कौन थी वो :- हिंदी कविता कौन थी वो कौन थी वो जो मुस्कुरा के चली गई, मेरे दिल में प्रीत की आश जगा के चली गई। जैसे पके फल को देखकर आता है मुंह में पानी, वैसे ही मुझे इमली दिखा के…

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जिंदगी की कविता :- लौट आ मेरी ज़िन्दगी | Zindagi Ki Kavita

उदास हो चुकी जिंदगी को फिर से मानाने की कोशिश की कविता " जिंदगी की कविता " जिंदगी की कविता लौट आ मेरी ज़िन्दगी तू कहीं से तन्हाई का दामन तोड़ते हुए, हवा के झोंकों के साथ फिर से मुझे तारों ताजा कर दें, मुरझा गई है जिंदगी सूखे गुलाब…

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शब्द पर हिंदी कविता :- क्योंकि मैं शब्द हूँ

अपना परिचय देते हुए शब्द पर हिंदी कविता :- शब्द पर हिंदी कविता हांँ मैं भ्रष्ट हूँ ऊंची नीची अनुभव की डगर पर चलती हूँ कभी गिरती हूँ कभी फिसलती हूँ मन के भावों को टटोलती हूँ अनायास ही कुछ विचार कुछ तर्क कुछ बहस मुझे स्पर्श कर लेते हैं…

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