हिंदी कविता वफादार मनकू | ब्राह्मणी और नेवला पंचतंत्र पद्य कथा

पंचतंत्र की कहानी ब्राह्मणी और नेवला की कविता रूप में प्रस्तुति हिंदी कविता वफादार मनकू में :- हिंदी कविता वफादार मनकू बहुत समय पहले रहता था एक गाँव में पंडित, राजसभा में अपने गुण से था वह महिमा - मंडित। १। गुजर रहा था एक बार वह जब जंगल से…

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हिंदी कविता चाँद से फरियाद | Hindi Kavita Chand Se Fariyaad

चाँद से एक प्यारी सी बातचीत पर हिंदी कविता चाँद से फरियाद :- हिंदी कविता चाँद से फरियाद ऐ चाँद इतना भी न अब तू इतरा। ऐसा तो नहीं,तुझ पर कोई नहीं उतरा। चल जिद छोड़,और आने दे अब हमें ताकि पहना सकें तुझे,तिरंगे का सेहरा। क्या चाहता है हमसे,जरा…

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तेरी याद में कविता | Teri Yaad Me Kavita

तेरी याद में कविता तेरी याद में साँसें दबी दबी सी अरमाँ कुछ कम हैं। दिल के दर्द में आज धड़कन गुमशुम हैं। रोती रही जमीं मगर न बरसा आसमाँ। तेरी याद में हमदम मेरी आंखें नम है। मुझको गयी तू छोड़कर जबसे ऐ जानेजां। तेरे प्यार में अब तो…

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प्यार की कविता हिंदी में :- पाई जब इक झलक तेरी

प्यार की कविता हिंदी में पाई जब इक झलक तेरी दीवाना मैं उस पल हुआ हूँ। देख तेरी सादगी फिर मैं तो तेरा कायल हुआ हूँ। सुकून नहीं न करार मुझे तेरे खयालों में ही डूबा रहूँ। जब से देखा ये चेहरा तेरा मैं तो तबसे घायल हुआ हूँ। तेरे…

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फाल्गुन पर कविता :- फागुन महीना आया

मनहरण घनाक्षरी में लिखी हरीश चमोली जी की ( Fagun Maheene Par Kavita ) फाल्गुन पर कविता "फागुन महीना आया" :- फाल्गुन पर कविता फागुन महीना आया होली भी है साथ लाया झूम-झूम सब मिल खुशियां मनाइये। गुब्बारे में रंग भर गिलास में भंग भर यहां-वहां घूम फिर गुलाल उड़ाइये।…

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हिंदी कविता खुद को पहचानो | Kavita Khud Ko Pahchano

आप पढ़ रहे हैं हरीश चमोली जी द्वारा रचित ( Hindi Kavita Khud Ko Pahchano ) हिंदी कविता खुद को पहचानो :- हिंदी कविता खुद को पहचानो दिल में छिपी तमस को तुम, खुद से जरा हटाकर तो देखो। फितूर अपने मस्तिष्क का, पुष्प सा महकाकर तो देखो। जीवनदाता परमेश्वर…

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हिंदी कविता मुसाफिर हूँ मैं यारों | Musafir Hun Main Yaaron

हिंदी कविता मुसाफिर हूँ मैं यारों न जाने आज मैंकिस ओर चल रहा हूँ।अनजानी राहों मेंगिरने से सँभल रहा हूँ।कदम डगमगा रहे राह में,फिर भी सीना तान खड़ा हूँ। मुसाफिर हूँ मैं यारोंलक्ष्य ढूंढने चल पड़ा हूँ।   जैसी भी बाधाएं आएंमैं उनके मुताबिक ढल रहा हूँ।  हार जीत कुछ…

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देश भक्ति दोहे सैनिकों पर | Desh Bhakti Dohe Sainiko Par

देश भक्ति दोहे सैनिकों पर हर कतरा निज देह का,कर देते हैं दान। रक्तिम बूंदों से लिखा,तन पर हिंदुस्तान। दुश्मन का हो अंत ये, है बस मेरा काम। भारत माँ की जय करूँ, और जपूँ श्री राम।। देशभक्ति करता रहूँ, जन्म-जन्म सौ बार। मौत मिले जो इस जन्म, पुनः लूँ…

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गीत कुँवारा लिख डाला : हिंदी गीत | Geet Kunwara Likh Dala

गीत कुँवारा लिख डाला क्या व्यथा कहूँ रीते घट की मरुथल पनघट भी पी डाला, मन ने कोरे कागज पर गीत कुँवारा लिख डाला। आओ पढ़ना तुम कान्हा प्रेम के ढ़ाई आखर को, विरहिणी विरह में जाग रही गागर में भर दो सागर को, हल्दी कुमकुम के रंगों का भाव…

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गौरैया पर कविता :- प्यारी गौरैया | Beautiful Sparrow Poem In Hindi

Sparrow Poem In Hindi आप पढ़ रहे हैं गौरैया पर कविता " प्यारी गौरैया " :- Sparrow Poem In Hindiगौरैया पर कविता ओ मेरी प्यारी गौरैया,तुम हमसे रूठ ना जाओ!ओ मेरी सोनचिरैयातुम हमसे दूर ना जाओ, बस मेरी इतनी है विनतीअब तो घर आ भी जाओ,ओ मेरी नन्ही चिड़ियातुम घर लौट आओ! उषा की…

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शिक्षक दिवस पर दोहे | Shikshak Diwas Par 10 Dohe Dedicated To Teachers

Shikshak Diwas Par Dohe आप पढ़ रहे हैं शिक्षक दिवस पर दोहे :- Shikshak Diwas Par Dohe शिक्षक दिवस पर दोहे शिक्षक के ही ज्ञान से, मिले हमें पहचान।जीवन में आगे बढ़ें, सबका मिले सम्मान।। सारे संशय दूर कर, देता ज्ञान प्रकाश।जीवन होता सरल है, द्वेष भाव का नाश।। क्षमता उसकी ही बढ़े, शिक्षक जिसके…

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पर्यावरण पर कविता इन हिंदी :- मूक पेड़ बोल नहीं सकते हैं

पर्यावरण पर कविता इन हिंदी मूक पेड़ बोल नहीं सकते हैं परन्तु दर्द उनका महसूस करो। तुम एक नन्हा सा वृक्ष लगाकर जीवन में खुशी की किरण भरो।। दुखद जीवन से पतझड़ को तुम वृक्ष लगाकर बनाओ सावन। चीख चीख कर पुकार रही तुम्हे वृक्षों से भरो धरती का आंगन।।…

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