फाल्गुन पर कविता :- फागुन महीना आया

मनहरण घनाक्षरी में लिखी हरीश चमोली जी की ( Fagun Maheene Par Kavita ) फाल्गुन पर कविता "फागुन महीना आया" :- फाल्गुन पर कविता फागुन महीना आया होली भी है साथ लाया झूम-झूम सब मिल खुशियां मनाइये। गुब्बारे में रंग भर गिलास में भंग भर यहां-वहां घूम फिर गुलाल उड़ाइये।…

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हिंदी कविता खुद को पहचानो | Kavita Khud Ko Pahchano

आप पढ़ रहे हैं हरीश चमोली जी द्वारा रचित ( Hindi Kavita Khud Ko Pahchano ) हिंदी कविता खुद को पहचानो :- हिंदी कविता खुद को पहचानो दिल में छिपी तमस को तुम, खुद से जरा हटाकर तो देखो। फितूर अपने मस्तिष्क का, पुष्प सा महकाकर तो देखो। जीवनदाता परमेश्वर…

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हिंदी कविता मुसाफिर हूँ मैं यारों | Musafir Hun Main Yaaron

हिंदी कविता मुसाफिर हूँ मैं यारों न जाने आज मैंकिस ओर चल रहा हूँ।अनजानी राहों मेंगिरने से सँभल रहा हूँ।कदम डगमगा रहे राह में,फिर भी सीना तान खड़ा हूँ। मुसाफिर हूँ मैं यारोंलक्ष्य ढूंढने चल पड़ा हूँ।   जैसी भी बाधाएं आएंमैं उनके मुताबिक ढल रहा हूँ।  हार जीत कुछ…

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देश भक्ति दोहे सैनिकों पर | Desh Bhakti Dohe Sainiko Par

देश भक्ति दोहे सैनिकों पर हर कतरा निज देह का,कर देते हैं दान। रक्तिम बूंदों से लिखा,तन पर हिंदुस्तान। दुश्मन का हो अंत ये, है बस मेरा काम। भारत माँ की जय करूँ, और जपूँ श्री राम।। देशभक्ति करता रहूँ, जन्म-जन्म सौ बार। मौत मिले जो इस जन्म, पुनः लूँ…

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गीत कुँवारा लिख डाला : हिंदी गीत | Geet Kunwara Likh Dala

गीत कुँवारा लिख डाला क्या व्यथा कहूँ रीते घट की मरुथल पनघट भी पी डाला, मन ने कोरे कागज पर गीत कुँवारा लिख डाला। आओ पढ़ना तुम कान्हा प्रेम के ढ़ाई आखर को, विरहिणी विरह में जाग रही गागर में भर दो सागर को, हल्दी कुमकुम के रंगों का भाव…

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गौरैया पर कविता :- प्यारी गौरैया | Beautiful Sparrow Poem In Hindi

Sparrow Poem In Hindi आप पढ़ रहे हैं गौरैया पर कविता " प्यारी गौरैया " :- Sparrow Poem In Hindiगौरैया पर कविता ओ मेरी प्यारी गौरैया,तुम हमसे रूठ ना जाओ!ओ मेरी सोनचिरैयातुम हमसे दूर ना जाओ, बस मेरी इतनी है विनतीअब तो घर आ भी जाओ,ओ मेरी नन्ही चिड़ियातुम घर लौट आओ! उषा की…

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शिक्षक दिवस पर दोहे | Shikshak Diwas Par 10 Dohe Dedicated To Teachers

Shikshak Diwas Par Dohe आप पढ़ रहे हैं शिक्षक दिवस पर दोहे :- Shikshak Diwas Par Dohe शिक्षक दिवस पर दोहे शिक्षक के ही ज्ञान से, मिले हमें पहचान।जीवन में आगे बढ़ें, सबका मिले सम्मान।। सारे संशय दूर कर, देता ज्ञान प्रकाश।जीवन होता सरल है, द्वेष भाव का नाश।। क्षमता उसकी ही बढ़े, शिक्षक जिसके…

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पर्यावरण पर कविता इन हिंदी :- मूक पेड़ बोल नहीं सकते हैं

पर्यावरण पर कविता इन हिंदी मूक पेड़ बोल नहीं सकते हैं परन्तु दर्द उनका महसूस करो। तुम एक नन्हा सा वृक्ष लगाकर जीवन में खुशी की किरण भरो।। दुखद जीवन से पतझड़ को तुम वृक्ष लगाकर बनाओ सावन। चीख चीख कर पुकार रही तुम्हे वृक्षों से भरो धरती का आंगन।।…

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कविता पर्यावरण पर :- कहीं खो गया | Kavita Paryavaran Par

कविता पर्यावरण पर वसुधा का वह सुनहरा दृश्य न जाने कहां लुप्त हो गया। प्रकृति का मोहक सा नजारा वृक्ष काटने से कहीं खो गया।। सूखे हुए पेड़ों के निराश तने आंसू बहा रहे हैं पतझड़ के। सलिल नहीं मिलने के कारण सूख रहे जीवन वृक्ष जड़ के।। वृक्ष काटने…

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शिक्षाप्रद हिंदी बाल कविता | Moral Poem In Hindi

शिक्षाप्रद हिंदी बाल कविता :- हमें धोखा देने वाले अपने ही होते हैं क्योंकि गैरों को हमारी कमजोरी का पता नहीं होता। इसलिए जीवन में सभी से सतर्क रहना चाहिए। लेकिन एक चीज जो उससे भी जरूरी है वह यह कि हम पर भले ही कितनी मुसीबत आये हमें कभी…

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ग़ज़ल तर्क वितर्क | Ghazal Tark Vitark

ग़ज़ल तर्क वितर्क मुश्क़िलों को समझें तर्क - वितर्क करें , मज़हबों में नहीं सोच में फ़र्क़ करें। कोहिनूर भी किसी ने चुरा लिया था , कमाई दौलत को समझकर ख़र्च करें। मंज़िलें , क़ामयाबी भी तब ही मिलेगी , चलने से पहले अपना इरादा ज़र्फ़ करें। पर जहाँ पर…

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हिंदुस्तान पर कविता :- हिंदुस्तान में | Hindustan Par Kavita Poem In Hindi

हमारा देश सभी देशों से अलग है और इसका कारन है यहाँ की एकता, मानवता और सुन्दरता। हिंदुस्तान जहाँ मेहमान को भगवान माना जाता है और सभी लोग आपस में मिल जुल कर रहते हैं। ऐसे ही हिंदुस्तान के चित्र को उतारने की कोशिश की है मैंने अपनी इस (…

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