Kavita Par Kavita | कविता पर कविता | Hindi Poem On Kavita

Kavita Par Kavita - आप पढ़ रहे हैं कविता पर कविता ( Kavita Par Kavita ) :- Kavita Par Kavitaकविता पर कविता भावों की तरंगिणी में नहाती है "कविता"ह्रदय की गहराई को छुकर आती है "कविता" उन्मुक्त हवा सी,विचार गगन मेंमुझे उड़ा ले जाती है "कविता" भाषा,लय,तुकबंद मणियों सेअपनी थाल…

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Sainik Par Hindi Kavita | सैनिक पर कविता | Patriotic Poem On Soldier

Sainik Par Hindi Kavita - आप पढ़ रहे हैं सैनिक पर कविता :- Sainik Par Hindi Kavitaसैनिक पर कविता छोड़कर घर का सुखजो सीमा पर जाता हैदुश्मन की छाती परतिरंगा गाड़ आता है। वह हमारे देश का वीर सैनिकजागता रहता हैरात-दिन, धूप हो या बरसातखड़ा रहता है। सरहद पर सीना…

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Hindi Ghazal Achha Hai | हिंदी ग़ज़ल अच्छा है

Hindi Ghazal Achha Hai - आप पढ़ रहे हैं हिंदी ग़ज़ल अच्छा है :- Hindi Ghazal Achha Haiहिंदी ग़ज़ल अच्छा है मुझे हर रोज न तू तड़पाया कर,क्या तिल तिल मरना अच्छा है? मुझसे इश्क़ कर  तो ऐसे कर,कि लगे हद से गुजरना अच्छा है। लबों पे आई बात अब…

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Bhagwan Vishnu Par Kavita | भगवान विष्णु पर कविता | Devotional Poem

Bhagwan Vishnu Par Kavita - आप पढ़ रहे हैं भगवान विष्णु पर कविता :- Bhagwan Vishnu Par Kavitaभगवान विष्णु पर कविता हे चतुर्भुज जगत के पालनहारी।गदा, शंख कमल सुदर्शन धारी।। हे जगत के पालनकर्ता, परम उपकारी।हर युग में तुने,सबकी विपदा तारी।। द्वापर में कहलाए तुम कृष्ण मुरारी।त्रेतायुग में श्रीराम महाधनुर्धारी।।…

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Children’s Day Poem In Hindi | बाल दिवस पर कविता | Beautiful Poem

Children's Day Poem In Hindi आप पढ़ रहे हैं बाल दिवस पर कविता :- Children's Day Poem In Hindiबाल दिवस पर कविता नन्हे-नन्हे बच्चों की;दुनिया में खो जाए,हम भी अपने बचपन की;तस्वीरें आज बनाये। ललना पलने में झूल रहे;माँ की ममता उसे संवारे,आंखों में मोटा सा काजर;सुंदर सी टिक्की लिलारे।…

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वीरों पर कविता – नमन करूँ या पुष्प चढ़ाऊँ | Veero Par Kavita

वीरों पर कविता - आप पढ़ रहे हैं भारत के वीरों पर कविता " नमन करूँ या पुष्प चढ़ाऊँ " :- Veero Par Kavitaवीरों पर कविता नमन करूँ या पुष्प चढ़ाऊँ,इस धरा के प्यारे वीरों को,खुद को भुला के राह दिखाई,अंधे ओर अधिरों को जीवन के छोड़ भोग,अनवरत लेखन में…

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Hindi Kavita Akalmand China | हिंदी कविता अक्लमंद चाइना

Hindi Kavita Akalmand China - आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता अक्लमंद चाइना :- Hindi Kavita Akalmand Chinaहिंदी कविता अक्लमंद चाइना अकलमंद चाइना।पहले देख ले आईना। शक्ल पर बजे है 12अब हिंदुस्तानी बजाएगा तेरा बाजा। चीनी सामान का करेंगे बहिष्कार।स्वदेशी को अपनाएंगे। हम लोगों का स्वदेशी सामान अपनाने से।चीन का…

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Deepon Ka Tyohar Diwali | दीपों का त्यौहार दीवाली | Festivals Of Light

Deepon Ka Tyohar Diwali - आप पढ़ रहे हैं दीपों का त्यौहार दीवाली Deepon Ka Tyohar Diwaliदीपों का त्यौहार दीवाली त्यौहारों में खास दिवाली,बच्चों का आनंद दिवाली। रिश्ते नातों का मेल दीवाली,दीपों का त्यौहार दिवाली। खुशियों का गुब्बार दिवाली,सुंदरता की मान दिवाली। पटाखों का शौर दीवाली,दीपों का त्यौहार दिवाली। नवयोवना कि आश दिवाली,उल्लास…

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Chhattisgarh Par Kavita | मेरा छत्तीसगढ़ महान है | Hindi Poem On Chhatigarh

Chhattisgarh Par Kavita - आप पढ़ रहे हैं छत्तीसगढ़ पर कविता मेरा छत्तीसगढ़ महान है :- Chhattisgarh Par Kavitaमेरा छत्तीसगढ़ महान है महकती प्रकृति की गोद में बसा, देश की शान है।लवकुश की जन्मस्थली,मेरा छत्तीसगढ़ महान है। राजिम,सिरपुर,शिवरीनारायण,चंद्रपुर पवित्र धाम है।केशकाल,मैनपाट,चित्रकूट,तीरथगढ़ स्वर्ण समान है। कोरबा कोयला का भंडार,बैलाडीला दल्ली लोहे की खान है।वीर नारायण, गुरू घासीदास,गुण्डाधुर माटी…

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Deepak Par Kavita | दीपक पर कविता – दीपक हूँ, मैं शुभ दिवाली

Deepak Par Kavita - आप पढ़ रहे हैं दीपक पर कविता - दीपक हूँ, मैं शुभ दिवाली Deepak Par Kavitaदीपक पर कविता अदम्य गगन में, बैठा सूरजआलौकिक, संदेश देतासमर्पण की, नदियाँ भरनि:स्वार्थ आलोक, बिखराता है। दीपक हूँ, मैं शुभ दिवालीमुझसे सजती, आरती थालीजल-जल कर भी, जगमग करताहंसना सूरज से, सीखा है। दीपशिखा, आकर मुझ…

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Sharad Ka Chaand Kavita | शरद का चाँद कविता

Sharad Ka Chaand Kavita - आप पढ़ रहे हैं शरद का चाँद कविता :- Sharad Ka Chaand Kavitaशरद का चाँद कविता शरद चांद उत्सव को,होती है रात में अमृत वर्षा।दूध चावल से बना व्यंजन, खीर पर होती है खूब चर्चा।  लगा भोग शरद चांद के, करते है प्रसाद सभी ग्रहण। सभी का हो प्रसाद में अंश, करते है थोड़ा थोड़ा संग्रहण। …

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Hriday Ki Vandana Kavita | हृदय की वंदना कविता

Hriday Ki Vandana Kavita - आप पढ़ रहे हैं हृदय की वंदना कविता :- Hriday Ki Vandana Kavitaहृदय की वंदना कविता करों को जोड़ कर हमनेलगाया ध्यान माँ का है,झुले माँ की बाँहों में सबअनुपम वात्सल्य माँ का है,नहीं मांगा कनक कुंदननहीं मांगा रत्न आभूषण,हृदय की वंदना से जोआशीष मांगा वो माँ का है।…

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