आँख पर कविता :- आंखें है तो है सारा जहां | Aankh Par Kavita
आप पढ़ रहे हैं आँख पर कविता :- आँख पर कविता आंखें है तो, है सारा जहां। आंखों के बिना, सब बेकार यहां वहां। आंखें कर देती है, सब हाल बयां। जान जाती है सब, जो चाहता है सैयां। आंखों आंखों में, हो जाती है बातें। साजन- सजनी की आंखों…

