स्त्री पर हिंदी कविता :- स्त्रियों ने रोपा है बीज | Stree Par Kavita

आप पढ़ रहे हैं स्त्री पर हिंदी कविता :- स्त्री पर हिंदी कविता सुनो! कुछ स्त्रियों ने रोपा है बीज.... हंसी का, उदासी की खाद में अश्कों की नमी मिला... गाड़ दिया है धरती में सदा के लिए। खुलकर हंसने के लिए उन्होंने ..... चुना है यह रास्ता.... ‌ क्योंकि…

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हिंदी कविता मेरे जाने के बाद | Kavita Mere Jaane Ke Baad

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता मेरे जाने के बाद "- हिंदी कविता मेरे जाने के बाद बिखेर दिया है खुद को इस कदर मैंने ….. कि …. मैं ना मिल पाऊं गर तुम्हे … तो ढूंढ लेना मुझे …. मेरे गीतों और रचनाओं में। तुम पर प्रेम छलकाती…. कभी…

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कविताएं साथ चलती हैं | Kavitayen Sath Chalti Hain

आप पढ़ रहे हैं कविता " कविताएं साथ चलती हैं " कविताएं साथ चलती हैं अकेले ... रहने नहीं देती , साथ चलती हैं। निशब्द संवेदनाओं की अभिव्यक्ति का.... संवाद बनती हैं। कलम में ताकत भर, स्मृतियों की आवाज बनती है। अंतर्मन के शोर को.. बाहर लाने के लिए एकांत…

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हिंदी कविता अलौकिक सौंदर्य | Kavita Alaukik Saundarya

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता अलौकिक सौंदर्य :- हिंदी कविता अलौकिक सौंदर्य लाल सुनहरा सूरज जब.. अपना प्रकाश फैलाता है, सोयी धरती को जैसे.. कोई चादर खींच उठाता है। कितनी सुंदर दिखती धरती... आंखें मल -मल कर जब जागती है, चिड़िया कानों में खुसफुसा कर .. अरे उठो! सवेरा…

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हिंदी कविता अपेक्षा और उपेक्षा | Apeksha Aur Upeksha

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता अपेक्षा और उपेक्षा :- हिंदी कविता अपेक्षा और उपेक्षा अपेक्षाएं पांव फैलाती हैं... जमाती हैं अधिकार, दुखों की जननी का हैं एक अनोखा.... संसार। जब नहीं प्राप्त कर पाती सम्मान, बढ़ जाता है क्रोध... आरम्पार, दुख कहकर नहीं आता.. बस आ जाता है पांव…

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विरह वेदना पर कविता | Virah Vedna Par Kavita

विरह वेदना पर कविता - आदरणीय मित्रों ! हमारे अन्तर्मन में जब भी कोई पीड़ा पलने लगती है , तो उसी प्रसव वेदना से कविता का प्रादुर्भाव होने लगता है । प्रस्तुत रचना में कुछ इन्हीं भाव स्थलों का चित्रण किया गया है । विरह वेदना पर कविता जब जब…

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विरह गीत :- कोयलिया गीत सुनाती है | Virah Geet

आप पढ़ रहे हैं विरह गीत "कोयलिया गीत सुनाती है" :- विरह गीत कोयलिया गीत सुनाती है, कोयलिया गीत सुनाती है। गीत के गुन्जन से रग रग में विष सा छाती है। कोयलिया गीत...... प्रथम बार का मिलन आज , यादों में फिर है आया । स्वर्णिम पल जो बीत…

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फैशन पर कविता | Fashion Par Kavita

आप पढ़ रहे हैं फैशन पर कविता :- फैशन पर कविता वाह वाह क्या है? फैशन का मेला। गुरु गुड़ रह गया, शक्कर बन गया चेला। फैशन है बाजार का, नया पैंतरा व झांसा। किसी को भी इसने,नही छोड़ा सबको फांसा। बिगड़ी का नाम है फैशन। यह पैदा करती है…

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पराजय को न करना स्वीकार | Parajay Ko Na Karna Sweekar

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता पराजय को न करना स्वीकार :- पराजय को न करना स्वीकार भले मार्ग में बाधाएं हो अनेक पराजय को न करना स्वीकार। सही दिशा का करना चयन पूर्व की त्रुटियों में करके सुधार।। आग की लपटें जो रोके तुझे स्वागत करना उसका हंसकर। बस…

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हिंदी कविता स्वागत बसंत का | Kavita Swagat Basant Ka

ऋतुराज बसंत के स्वागत में हिंदी कविता स्वागत बसंत का :- हिंदी कविता स्वागत बसंत का सवैया पद है होने लगी बिहँसित धरती, कुहासा भी व्योम से जाने लगा है । व्यतीत हुई अब शीत की रीति, धरा पर आतप आने लगा है । हैं होने लगीं कलियां विकसित, देखि…

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हिंदी कविता खून के पक्ष | Hindi Kavita Khoon Ke Pakhsa

हिंदी कविता खून के पक्ष - मानव के जीवन में खून (रक्त ) का अपना विशेष महत्व होता है । मानव और मानवता के सम्बन्ध में खून ( रक्त ) के कुछ महत्वपूर्ण पक्षों का चित्रण करती हुइ घनाक्षरी छन्द में रचना प्रस्तुत है । हिंदी कविता खून के पक्ष…

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हिंदी कविता राम राज्याभिषेक | Kavita Ram Rajyabhishek

हिंदी कविता राम राज्याभिषेक - चौदह वर्षों के वनवास के पश्चात मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम चन्द्र जी का अयोध्या आगमन होता है। प्रस्तुत रचना में अवध वासियों उमड़ रही खुशी की लहरों का चित्रण किया गया है। हिंदी कविता राम राज्याभिषेक सब गाओ रे मंगल गीत, आज राम राजा बनें…

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