पिता के लिए कविता :- वह पिता हमारा | Pita Ke Liye Kavita

पुत्र के सम्बन्ध में माता का महत्व क्या होता है , इस पर बहुत कुछ लिखा गया और रचना की गई है। परन्तु पुत्र के सम्बन्ध में पिता का क्या महत्व है, इसे दर्शाती एक छोटी सी रचना " पिता के लिए कविता " प्रस्तुत है :- पिता के लिए…

Continue Readingपिता के लिए कविता :- वह पिता हमारा | Pita Ke Liye Kavita

शब्द और भाषा पर दोहे | Shabd Aur Bhasha Par Dohe

भाषा और शब्द का महत्त्व बताते शब्द और भाषा पर दोहे :- शब्द और भाषा पर दोहे 1शब्द योग उत्तम रहे, कभी न काटें लीक।लय बाधित यदि है नहीं, तब रचना है ठीक।। 2भाषा के सौंदर्य से, मत लो पंगा यार।।उमर,उम्र दोनों सही, सही चुनो आधार।। 3कभी किसी भी बात…

Continue Readingशब्द और भाषा पर दोहे | Shabd Aur Bhasha Par Dohe

बदलते समय पर कविता :- समय का पहिया घूम रहा है

बदलते समय पर कविता :- वृद्धाश्रम जाने से पहले एक वृद्ध माँ-बाप उसके बच्चे के बीच के वार्तालाप पर कविता, बड़ी पीड़ा होती है वृद्धाश्रम देखकर, पर अगर ये वृद्धाश्रम ना होते तो? बदलते समय पर कविता समय का पहिया घूम रहा है, बदल रहे सब लोग,आपस का सब घटा…

Continue Readingबदलते समय पर कविता :- समय का पहिया घूम रहा है

नवरात्रि पर कविता :- नवरात्रि की देखो बहार | Navratri Kavita

आप पढ़ रहे हैं ( Navratri Kavita In Hindi ) नवरात्रि पर कविता "नवरात्रि की देखो बहार" नवरात्रि पर कविता नवरात्रि की देखो बहार मैया जी बड़ी प्यारी लगे।। हो हो ओढ़ी चुनरिया लाल मैया जी बड़ी प्यारी लगे। माथे की बिंदिया चम चम चमके नाक नथनिया दम दम दमके।…

Continue Readingनवरात्रि पर कविता :- नवरात्रि की देखो बहार | Navratri Kavita

मन की अभिलाषा कविता :- मन मेरे किसी मोड़ पर

आप पढ़ रहे हैं मन की अभिलाषा कविता :- मन की अभिलाषा कविता मन मेरे किसी मोड़ पर हार जाना नहीं, है कठिन पथ तेरा हर कदम आखिरी सांस तक भूल जाना नहीं। मन आशाओं की डोर रहा, जीवन हर्षित कल्पनाओं की ओर रहा। मन स्वप्न देखता रहता है, मन…

Continue Readingमन की अभिलाषा कविता :- मन मेरे किसी मोड़ पर

जीवन साथी पर हिंदी कविता :- अर्धांगिनी | Jivan Sathi Kavita

आप पढ़ रहे हैं ( Jivan Sathi Par Hindi Kavita ) जीवन साथी पर हिंदी कविता " अर्धांगिनी " :- जीवन साथी पर हिंदी कविता रब ने बनाई जोड़ी। अर्धांगिनी, शर्मीली है थोड़ी। जीवन दो पहियों की है गाड़ी। प्रेम मशवरा से चले यह अगाड़ी। पत्नी के प्यार भरे बोल…

Continue Readingजीवन साथी पर हिंदी कविता :- अर्धांगिनी | Jivan Sathi Kavita

रोटी पर कविता :- खानी है रोटी | Roti Par Kavita

इन्सान मेहनत करता है कि उसे सुकून से दो वक़्त की रोटी मिल सके। रोटी के कारण ही सारी दुनिया कुछ न कुछ काम करती है। लेकिन क्या होता है जब इन्सान की भूख सिर्फ रोटी तक ही नहीं रह जाती। बल्कि वो और भी कई चीजों की चाहत रखता…

Continue Readingरोटी पर कविता :- खानी है रोटी | Roti Par Kavita

Balika Diwas Par Kavita | बालिका दिवस पर कविता :- लो आज फिर आया

Balika Diwas Par Kavita आप पढ़ रहे हैं बालिका दिवस पर कविता " लो आज फिर आया " :- Balika Diwas Par Kavita बालिका दिवस पर कविता लो आज फिर आया, विश्व बालिका दिवस।इसकी शुरुआत सन, 2012 से हुई हर वर्ष। बालिकाओं को जीवन जीने में, न आए बाधा।करे अपना…

Continue ReadingBalika Diwas Par Kavita | बालिका दिवस पर कविता :- लो आज फिर आया

जीवन साथी पर कविता :- मेरे साथी साथ निभाना

जीवन साथी पर कविता मेरे साथी साथ निभाना। कभी ना टूटे यह याराना । हर राज का तू है राजदार। मेरे हर लेखे का तू है पक्का पहरेदार। तेरे मेरी‌ यादों के गीत पुराने। खुब याद करेगे सब मस्ताने। मेरे साथी साथ निभाना। कभी न टूटे यह याराना। मेरे दोषों…

Continue Readingजीवन साथी पर कविता :- मेरे साथी साथ निभाना

हिंदी कविता कर्महीन नर | Hindi Kavita Karmheen Nar

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता कर्महीन नर :- हिंदी कविता कर्महीन नर है कर्महीन नर निज पशुता सम, पथहीन निराश्रित विषय विषम। मानव तन है मूल्यवान निज कर्तव्यो से मत भागो तुम, गफलत की नींद बहुत सोए उठो नींद से जागो तुम। अर्जुन सा लक्ष्य रखो अपना बस लक्ष्य…

Continue Readingहिंदी कविता कर्महीन नर | Hindi Kavita Karmheen Nar

हिंदी कविता शापित | Hindi Kavita Shapit

आप पढ़ रहे हैं ( Hindi Kavita Shaapit ) हिंदी कविता शापित :- हिंदी कविता शापित कुछ पदचिन्ह छोड़ चले हम, जिंदगी की राहों में, ढूंढोगे घर हमारा एक दिन,पता लेकर के बाहों में। रोओगे तो तुम भी एक दिन,जब देखोगे दर्पण में। यह हाथ छोड़कर गए थे कैसे, गैरों…

Continue Readingहिंदी कविता शापित | Hindi Kavita Shapit

कलम पर कविता :- कलम की ही जय कहूँगा | Best Poem On Pen In Hindi

कलम पर कविता Poem On Pen In Hindi क्रांति सिर्फ बंदूकों से ही नहीं आती, कलम से भी आती है। बन्दूक से तो किसी को डराया, धमकाया या मारा जा सकता है लेकिन बदला नहीं जा सकता। वहीं कलम से सरे देश की विचारधारा को बदला जा सकता है। कलम…

Continue Readingकलम पर कविता :- कलम की ही जय कहूँगा | Best Poem On Pen In Hindi