मन की अभिलाषा कविता :- मन मेरे किसी मोड़ पर
आप पढ़ रहे हैं मन की अभिलाषा कविता :- मन की अभिलाषा कविता मन मेरे किसी मोड़ पर हार जाना नहीं, है कठिन पथ तेरा हर कदम आखिरी सांस तक भूल जाना नहीं। मन आशाओं की डोर रहा, जीवन हर्षित कल्पनाओं की ओर रहा। मन स्वप्न देखता रहता है, मन…

