हिंदी कविता प्राणायाम | Hindi Kavita Pranayam

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता प्राणायाम :- हिंदी कविता प्राणायाम प्राणों का रक्षक, होता है प्राणायाम। नित्य करना चाहिए, सुबह और शाम। बाह्य अंगों के लिए, होता है योग। प्राणायाम बनाता है, आंतरिक अंगों को निरोग। दिनचर्या का हिस्सा हो, आसन और योग। पर एक दूसरे का, मत भूलो…

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कविता काली का हो अवतार | Kaali Ka Ho Avtaar Kavita

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता काली का हो अवतार :- कविता काली का हो अवतार बढ़ते कलयुग की छाया में पाया असुरों ने फिर आकार, फिर काली का हो अवतार, फिर काली का हो अवतार। सत्यभूमि अब बनी मरुस्थल झूठ की बढ़ रही पैदावार, फिर काली का हो अवतार,…

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ग़ज़ल संस्कार चाहिए | Ghazal Sanskar Chahiye

आप पढ़ रहे हैं ग़ज़ल संस्कार चाहिए :- ग़ज़ल संस्कार चाहिए घटती घटनाएँ कहतीं हैं,मानवता धर्म शर्मसार हो चुकी।मानवता के पुजारी अब तो आओ,धरा बेजार हो चुकी। कफन का टुकड़ा भी नसीब नहीं हो रहा है देखो मधुर।दो गज जमीन नसीब नहीं,धूमिल सारे संस्कार हो चूकी। बंद बोतलों में पानी,अब…

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हंसना भूल न जाओ कविता | Hasna Bhool Na Jao Kavita

आप पढ़ रहे हैं कविता हंसना भूल न जाओ :- हंसना भूल न जाओ तल्ख सी है..फिजाएं कुछ, अजब सी बेमियाजी़ है। ज़ायका गुम हुआ कुछ यूं, कि हर शय में खराबी है। नमी आंखों में दिखती है, हृदय भी ग़म से भारी है। उदासी का है यह आलम, जुबां…

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संघर्ष पर कविता | Sangharsh Par Kavita | Hindi Poem On Struggle

Hindi Poem On Struggle आप पढ़ रहे हैं संघर्ष पर कविता :- Hindi Poem On Struggleसंघर्ष पर कविता संघर्षों से जीवन बनता।मानव मे मानवता आती। संघर्ष कुछ नया सिखाते।जीवन मे नई राह लाते। कोरोना महामारी दिखा रही है डरावने ख्वाब।हम‌‌ सब मिलकर इसको देगे मुंहतोड़ जवाब। आया है जलजला निकल…

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कविता चाहता हूं प्यार | Kavita Chahta Hun Pyar

कविता चाहता हूं प्यार - कभी कभी प्यार और उदारता को पूजने वाले लोग लूट लिए जाते हैं, इसलिए आवश्यक है कि प्यार को कमजोर समझने वालों के समक्ष कठोरता भी धारण किया जाए ।। कविता चाहता हूं प्यार चाहता हूं प्यार का दीदार का परिवेश हो चाहता हूं अमन…

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हिंदी कविता मजदूर | Hindi Kavita Mazdoor

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता मजदूर :- हिंदी कविता मजदूर सबका सेवक है , करता वह दिन रात मेहनत है।। मिलो के सफ़र में जिंदगी के सफ़र को माप दिया देश के कैसे परिदृश्य को सामने उजागर कर दिया।। पैरों के जख्म के छाले बताते है, उसकी जिंदगी के…

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मजदूर पर हिंदी कविता | Mazdoor Par Hindi Kavita

आप पढ़ रहे हैं मजदूर पर हिंदी कविता :- मजदूर पर हिंदी कविता मुट्ठी में बंद उष्णता, सपने, एहसास लिए, खुली आंखों से देखता है कोई ..... क्षितिज के उस पार। बंद आंखों से रचता है इंद्रधनुषी ख्वाबों का संसार। झाड़ता है सपनों पर उग आए कैक्टस और बबूल.... रोपता है…

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मास्क पर कविता | Hindi Poem On Mask

आप पढ़ रहे हैं मास्क पर कविता :- मास्क पर कविता कोरोना ने दिया सबको, छोटा सा एक टास्क। मुझ से बचना है तो, लगाना होगा मास्क। घर में रहना मास्क लगाना, है आसान। पर फिर भी देखो, अनजान बन रहा इंसान। मास्क कोरोना के साथ, बचाता है धुआं,धूल व…

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हिंदी कविता काल ने तांडव रचा | Kaal Ne Tandav Rachaa

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता काल ने तांडव रचा :- हिंदी कविता काल ने तांडव रचा काल ने तांडव रचा.. जीना मुश्किल हुआ, चंद सांसें भी लेना दुश्वार हुआ.. सांसे बिकती है ..बोलो खरीदोगे? बिकता है जमीर खरीदोगे? मुनाफाखोर ले रहे मुनाफे का मजा.. उन्हें क्या मतलब!! देश पर…

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व्यवहार पर कविता | Vyavhar Par Kavita

आप पढ़ रहे हैं ( Vyavhar Par Kavita ) व्यवहार पर कविता :- व्यवहार पर कविता व्यवहार ही है,व्यक्ति की अनमोल पूंजी। व्यवहार है जीवन के,अनसुलझे प्रश्नों की कुंजी। आचरण और व्यवहार ही, व्यक्ति को देते है पहचान। एक बार की मुलाकात से ही, बन जाते है अमिट निशान। दूसरों…

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Shabd Par Kavita | शब्द पर कविता

आप पढ़ रहे हैं ( Shabd Par Kavita ) शब्द पर कविता :- शब्द पर कविता | Shabd Par Kavita शब्दों की गरिमा है , उसकी अपनी महिमा है।। हर दिल में यहां वेदना है, जिसमे मीठी बोली ही दवा है।। मानव केवल अपनी जिव्हा से हारा है, अहंकार ,…

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