मन पर कविता :- मन की चाह | Man Ke Upar Kavita Hindi Mein
आप पढ़ रहे हैं ( Man ke upar kavita hindi mein ) मन पर कविता :- मन पर कविता मन क्यों चंचल इच्छा अनंत,खोजे किसको हर क्षण हर पल।संतोष नहीं ना शांत कहीं,किसको पाने का रहता विकल।। यह रंग रंगीली है दुनिया,होता रहता नित नया यहांहै सार जगत का प्रेम-प्रसंग।मन क्यों चंचल इच्छा अनंत…

