योग पर दोहे व स्लोगन | Yog Par Dohe Aur Slogan

आप पढ़ रहे हैं योग का महत्त्व बताते ( Yog Par Dohe ) योग पर दोहे :-

योग पर दोहे
योग पर दोहे

1.
जो तन मन साधिये ,लग जायेगा ध्यान।
दिल धड़कन को भापिये, होगा आत्मज्ञान।।
2.
यंत्र ,तंत्र औ मंत्र को,एक सूत्र में बांध
सुखासन में बैठ तभी,ध्यान योग को साध।।
3.
योग ही जोड़ ध्यान कह,लगा शरीर चित ध्यान
थोड़ा अधिक कुछ तो कर, स्वस्थ रहे चित जान।।
4.
सिद्ध, बुद्ध सब प्रसिद्ध,सब पाएं ज्ञान।
सकल पदार्थ जगत के, जो लग जावे ध्यान।।
5.
धड़कन अपनी पहचान, साँसों का स्पंदन जान।।
चित चितावत मन लगाय,धार लीजिये ध्यान।।
6.
योग दिवस मनाने का, भारतीय संकल्प।
मोदी के सहयोग से, संयुक्तसंघ विकल्प।।
7.
तनमन सुखी जीवन दे, करते रहिए योग ।
सरल सुलभ जितना बने, नित्य करिये प्रयोग।।
8.
आसन सुन्दर साफ हो, रखिये दीपक ध्यान।
मन एकाग्रचित्त रखे, निज भक्ति यह ज्ञान।।
9.
ईश चरण ,करके नमन, करने बैठे योग।
सहज भाव सुखासन ले, मन को रखे निरोग।
10.
केवल ॐ एकाक्षर , कर देगा बलवान।
कठिनाई होती नही , बड़ा सहज आसान।।

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पढ़िए :- योग पर कविता “आओ मिलकर योग करें”

 


योग पर दोहे व स्लोगन | Yog Par Dohe Aur Sloganनाम -अमिता रवि दुबे
पति का नाम -रवि दुबे
शिक्षा- एम ए हिंदी 2 एमए समाजशास्त्र साहित्य रत्न
रुझान रचात्मक- लेखन संचालन, अभिनय वक्ता
विधा- गद्य पद्य दोनों, हिंदी छत्तीसगढी
आकाशवाणी रायपुर जगदलपुर दूरदर्शन से प्रसारण
प्रसारण देश अनेक पत्रपत्रिकाओं में
संस्थागत प्रकाशन-कार्यक्षेत्र समाज सेवा शिक्षा बाल पत्रकारिता पर्यायवरण आदि

सम्मान पुरस्कार- 1978 आकाशवाणी युवा कलाकार सम्मान
क्रमशः सर्वश्रेष्ठ छात्रा सम्मान महाविद्यालय एवम पुरस्कार
महादेवी सम्मान
अखिल भारतीय मीनी माता सम्मान
लेखन सम्मान
रचनाकार सम्मान
सृजन सम्मान
अभव्यक्ति सम्मान
साहितयभूषन सम्मान
पुनः महादेवी सम्मान
देश भर की संस्थाओं से समय समय पर प्रोत्साहन , सम्मान पुरस्कार
बाल पत्र-कारिता के लिये प्रादेशिक सम्मान पुरस्कार
महाविद्यालय में हिंदी अध्यापन स्नात्तकोत्तर तक सेवा
वर्तमान में रुचि नुसार समय समय पर जनहितार्थ कार्यक्रम में संलग्न

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