अटल बिहारी वाजपेयी पर कविता | Atal Bihari Vajpayee Ji Par Kavita

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अटल बिहारी वाजपेयी पर कविता

अटल बिहारी वाजपेयी पर कविता

नए भारत का तूने नया पटल बनाया है
उन्नति मार्ग देश को ‘अटल’ दिखाया है।

मुश्किलें तुझसे सब हारी
तेरे फैसलों पे गर्व ‘बिहारी’
इंसानियत रही सदा विजयी
और तू अमर सदा ‘वाजपेयी’।
तेरी एक गरज ने देश सकल सिखाया है
उन्नति मार्ग देश को ‘अटल’ दिखाया है।

कारगिल, परमाणु, अक्षरधाम
जग देखा तेरा हर परिणाम
तेरी सादगी से देश आबाद
क्रूर सियासत से धरा आजाद।
तूने जग में हिंद का परचम फैलाया है
उन्नति मार्ग देश को ‘अटल’ दिखाया है।

तेरे विरोधी कल थे आज भी
मोदी में दिखता तू आज भी
नैतिक मूल्य मिले विरासत में
समृद्धि अब फैलेगी भारत मे।
तेरे विचारों से जग में नया तल पाया है
उन्नति मार्ग देश को ‘अटल’ दिखाया है।

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संदीप सिंधवालमैं संदीप सिंधवाल संजू पुत्र श्री तुंगडी सिंधवाल रौठिया रुद्रप्रयाग उत्तराखंड का निवासी हूं। मैंने हिंदी में दिल्ली विश्वविद्यालय से एम. ए. किया है तथा कलनरी आर्ट फूड साइंस में बी. एस. सी. किया है। 5 साल दिल्ली के एक होटल में शेफ की नौकरी करने के पश्चात मै 5 साल से ऑस्ट्रेलिया के समीप पोर्ट मोरस्बी में कार्यरत हूं। मेरा व्यवसाय मेरे लेखन से बिल्कुल विपरीत है।

विदेश में रहकर भी मैंने बहुत कविताएं लिखी हैं। मै सन 2000 से कविताएं लिखता हूं जो विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं। मैट्रिक पास करने के बाद ही मेरी कविता रचना मै रुचि बढ़ी। भगवान रुद्र पर कविता लिखना मेरा सौभाग्य है। विदेशों में हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए भरसक प्रयास करता हूं।

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धन्यवाद।

Pic Credit :- The Guardian

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