गुरु के लिए कविता – गुरु पूर्णिमा और शिक्षक दिवस पर कविता

गुरु के लिए कविता – गुरु पूर्णिमा और शिक्षक दिवस पर बेहतरीन कविता- 
                 प्रिय पाठकों ,आज आप सबके सम्मुख प्रस्तुत है गुरु की महिमा और जीवन में उसके महत्व पर बेहतरीन कविता तो आइये पढ़ते हैं –

गुरु के लिए कविता

गुरु की महिमा पर कविता - गुरु पूर्णिमा और शिक्षक दिवस पर बेहतरीन कविता

मन में उत्साह लिये गुरु से मिलने की आई गुरु पूर्णिमा।
जब आने को आषाढ़ माह की आशा पावन पूर्णिमा।

गुरुवर मेरे दया करके मुझे राह सही दिखला देना ।
जब भटक जाऊँ मैं माया मोह में मोक्ष की राह बता देना।
पिघले सोना जैसा हूँ प्रभु तुम हो एक चतुर सुनार मेरे।
जिस सांचे ढालो मुझको खड़ा हूँ द्वार पर गुरुवर तेरे।
नहीं चाह कुछ पाने की मुझे मैं चरणों में तेरे रम जाऊँ।
गुरुआशीष बनाये रखना तन मन धन अर्पण कर जाऊँ।

समय चूक न बिगड़  जाऊँ मुझ पर दया बरसा देना।
मैं हूँ इक अबोध बालक जैसा चाहो जैसा मुझे बना देना।
खरा मैं उतरूँ कसौटी पर जीवन मेरा गुरुवर चमका देना।
जो भी गुण दोष हों गुरुवर मेरे उन सब का हल बता देना।
विनती है बारम्बार मेरी करके दया मुझपर कृपा कर देना।
सच्चाई की राह चलूँ बस ऐसा आशीष मुझे तुम देना ।

फँसकर माया जाल में ऐसे भूलगई हूँ सब कुछ अब।
नहीं है कोई जो सिखलाये आकर के मुझको अब।
सो ऐसी कृपा कर दो पल छिन न तुम्हें भूलूँ मैं।
परमार्थ की  राह चुनुँ जीवन अर्पण तुम्हें कर दूँ मैं।

हे गुरुवर मेरे दया करके मुझे दर्पण वो दिखला देना ।
जिसे देख कर मैं खो जाऊँ ज्ञान चक्षु मेरे खुल जायें।
मेरे मात-पिता और स्वामी सखा बन चरणों में जगह दे देना ।
जीवन नैय्या डगमग डोले बीच भंवर में खाये हिचकोले
इस बीच भंवर से गुरुवर मेरे मुझको तुम ही बचा लेना ।
दीनहीन की सेवा मैं करूँ ऐसा आशीष मुझे तुम दे देना ।

राह दिखे तेरे चरणों की और चाह रहे सत्कर्मों की अब।
बस इतनी कृपा मुझ पर अपनी हे गुरुवर तुम कर देना।

यह भी पढ़िए –  गुरु पूर्णिमा पर कविता “जय जय गुरु देव मुझे दर्शन दो”


गुरु के लिए कविता - गुरु पूर्णिमा और शिक्षक दिवस पर कविता

रचनाकार परिचय –
नाम-श्री मति राजकुमारी रैकवार
साहित्यिक नाम- राजकुमारी रैकवार राज
माता पिता का नाम-
स्वर्गीय -श्री खुन्निलाल रैकवार
स्व-श्री मती कस्तूरी बाई रैकवार
पति का नाम -श्री ऋषिकुमार रैकवार
आयु– 63 वर्ष
निवास– जबलपुर म, प्र ।
विधा– काव्य लेख कविताएं दोहा गीत गजल,लघुकथा आदि।

प्रकाशन—-मेरी कविताएँ,लेख,लघुकथा, दैनिक भास्कर नव भारत न्यूज पेपर में छपी है ।और अभी तक कर्म कसौटी अखबार में आ रही हैं ।लखनऊ के हिन्दी प्रचार-प्रसार में भी आ रही हैं । ये द्वयमासिक पत्रिका है ।
सम्मान- गूँज संस्था से गूँज गौरव सम्मान मिला।
विश्व साहित्य नारी कोष से- कलम की सुगंध सम्मान मिला।
प्रसंग संस्था से- लघुकथा सम्मान ।
साहित्य संगम संस्थान से- साहित्य ज्योति सम्मान ।
सब से बड़ी उपलब्धि-सीनियर सिटी जन क्लब से पहली बार बेस्ट कपल आफ़ दा इयर सम्मान ।
मै गीत गजल बगैरा भी गाती हूँ तथा बुन्देली लोकगीत पंजाबी गीत एवंभोजपुरी गीत का भी शौक है

“ गुरु के लिए कविता ” ( Guru Ke Liye Kavita ) के बारे में कृपया अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे रचनाकार का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढ़ने का मौका मिले।

यदि आप भी रखते हैं लिखने का हुनर और चाहते हैं कि आपकी रचनाएँ हमारे ब्लॉग के जरिये लोगों तक पहुंचे तो लिख भेजिए अपनी रचनाएँ hindipyala@gmail.com पर या फिर हमारे व्हाट्सएप्प नंबर 9115672434 पर।

हम करेंगे आपकी प्रतिभाओं का सम्मान और देंगे आपको एक नया मंच।

धन्यवाद।

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published.