माँ की याद में कविता :- मां यदि तुम होती | Maa Ki Yaad Me Kavita

2+

माँ की याद में कविता
माँ की याद में कविता

मां यदि तुम होती,,
सारे सपने मेरे होते.
इन सपनों का मै होता

घर का आंगन..
घर में झूला,
इन झूलों पर मैं होता।

मां यदि तुम होती,,
सारे सपने मेरे होते..
ना होती कोई कविता, कहानी,
ना रोता जैसे रोता हूं,
तेरे बिन ना जाने कैसे
इतनी रातें सोता हूं।

सिर पर आंचल, होंठ पर लोरी,
इन लोरी में मैं होता,
मेरी मुट्ठी मे आंचल ,
इन आंचल का मैं होता,
मां होती यदि पास मेरे तुम
नींद चैन की मैं सोता।

मां यदि तुम होती,,,
सारे सपने मेरे होते
इन सपनों का मै होता।

बड़ा हुआ हूं अब मैं,
पर याद तुम्हारी आती हैं,
घर से ऑफिस, ऑफिस से घर
बिना टिफिन के जाता हूं,
भूखे आता भूखे रहता
भूखे ही सो जाता हूं।

मेरे टिफिन में भी रस मलाई,
इन रस मलाई का मैं होता,
मां यदि तुम होती
बिन खाए ना मैं सोता

मां यदि तुम होती…
सारे सपने मेरे होते,,,,
इन सपनों का मैं होता।

पढ़िए :- माँ की याद पर कविता “माँ याद तुम्हारी आती है”


यह कविता हमें भेजी है ऋचा पांडे जी ने मुंबई से।

माँ की याद में कविता ” ( Maa Ki Yaad Me Kavita ) के बारे में कृपया अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे लेखक का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढने का मौका मिले।

यदि आप भी रखते हैं लिखने का हुनर और चाहते हैं कि आपकी रचनाएँ हमारे ब्लॉग के जरिये लोगों तक पहुंचे तो लिख भेजिए अपनी रचनाएँ  hindipyala@gmail.com पर या फिर हमारे व्हाट्सएप्प नंबर 9115672434 पर।

हम करेंगे आपकी प्रतिभाओं का सम्मान और देंगे आपको एक नया मंच।

धन्यवाद।

2+

Leave a Reply