पर्यावरण संरक्षण पर कविता | Paryavaran Sanrakshan Kavita

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आप पढ़ रहे हैं ( Paryavaran Sanrakshan Par Kavita ) पर्यावरण संरक्षण पर कविता ” पर्यावरण कैसे बचेगा ? ”

पर्यावरण संरक्षण पर कविता

पर्यावरण संरक्षण पर कविता

सब कुछ करते अपने मन से।
कुछ तो करो दूसरों के लिए काम।
जिसमें हो सब की भलाई
कुछ तो करो ऐसे तुम काम।
लगाओ पेड़ पौधे और करो
लोगों का जीवन खुश हाल।।

अगर रहेगा हराभारा देश हमारा ।
तो जन जीवन होगा सदा समान ।
बिना किसी बीमारी के
जियेंगे लोग सालो साल।
यदि पेड़ पौधों को जीवित तुम रख पाओगें ।
तभी लम्बी उम्र हम सभी जी पाएंगें।।

स्वंय बिखर देती वसुंधरा
हरियाली को चारों ओर।
अब इस हरियाली को बचाकर
रखना है हमारा काम।
कोई न कटे पेड़ और न फैलाये प्रदूषण ।
यह जिम्मेदारी हम सबकी बनती है।।
जो सचमुच में करे देश से प्यार।
तो भला क्यो करेगा इस
नेक काम से इनकार ।।
तभी तो बनेगा हराभरा
अपना हिंदुस्तान।।

विश्व पर्यावरण दिवस की शुभ कामनाएँ। सभी पाठको और देशवासियों के लिए।

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परिचय :-

संजय बीना

मै संजय जैन बीना जिला सागर (मध्यप्रदेश) का रहने वाला हूँ। वर्तमान में मुम्बई में कार्यरत हूँ। मैं करीब 26-27 वर्षो से बम्बई में एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी में कमर्शियल मैनेजर के पद पर कार्यरत हूँ। मास्टर ऑफ़ कॉमर्स के साथ ही एक्सपोर्ट मैनेजमेंट की शैक्षणिक योग्यता हैं।
मुझे बचपन से ही लिखना पढ़ने का बहुत शौक था। इसी कारण से लेखन में सक्रिय हूँ। मेरी रचनाएं बहुत सारे अखबारों-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं। मैं अपनी लेखनी का कमाल कई मंचों पर भी दिखाता रहता हूँ । इसी प्रतिभा के करण मुझे कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा मुझे सम्मानित किया जा चुका है।

मुम्बई के नवभारत टाईम्स में ब्लॉग भी लिखता हूँ और भी क्षेत्रीय पत्र पत्रिकाओं में भी मेरे गीत, कविताएं और लेख प्रकाशित होते रहते हैं । मुझे लेख,कविताएं और गीत आदि लिखने का बहुत शौक है, जिसके कारण में कई सामाजिक गतिविधियों और समाज सेवी संस्थाओं में भी हमेशा सक्रिय रहता हूँ।
हिंदी भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिले इसके लिए निरंतर प्रयास करता रहता हूँ।


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