हिंदी कविता कोरोना | Hindi Kavita Corona

कोरोना से आज सारी दुनिया परेशान है। किस तरह इस वायरस के आगे सब लाचार हैं आइये पढ़ते हैं हिंदी कविता कोरोना में :-

हिंदी कविता कोरोना

हिंदी कविता कोरोना

तरक्की पैसा पावर की जात बता दी,
इक वायरस ने दुनिया को उसकी औकात बता दी।

हाहाकार करती आज प्रकृति है हारी ,
त्राहि त्राहि है दुनिया सारी।

क्यूँ मजाक किया इस धरती के संग ,
क्या खूब दिखाये तूने इसको रंग।

आज प्रकृति ने दुष्परिणामों का कहर बरपाया ,
जग जीवन भी अब डगमगाया।

अस्त्र शस्त्र के बिना जारी प्रकृति का युद्ध है,
जो वरदान हुवा करता था ,अब वो ही विज्ञान क्रुद्ध है।

इस वायरस ने इंसानी दावों की जात बता दी,
इक वायरस ने दुनिया को उसकी औकात बता दी।

महामारी हर सवाल का जवाब है ,
हमने ही तो प्रकृति का किया ये हाल है।

आज हमारे अत्याचार का वो जवाब दे रही ,
अब हमें किस बात की हैरानी हो रही।

अब रब का क्यूँ इंतज़ार है ,
भक्त कर रहे पुकार है।

अब कुछ समझ आ रहा नहीं ,
क्यूँ कोई कुछ कर पा रहा नहीं।

सोंचो एक सूक्ष्म वायरस ने ,तेरी हद बता दी पल भर में,
विश्व विजेता का ,मजाक बना दिया पल भर में।

तेरा दम्भ मिथ्या है ,बता दिया पल भर में,
तेरे आविष्कार बौने हैं ,बता दिया पल भर में।

तुम प्रकृति का सिर्फ रिमोट हो ,बता दिया पल भर में,
बता दिया पल भर में ,प्रकृति से गुरुर मत दिखाना,
अपनी बुराइयों को ,मानव से ही दिखाना।

जब चाहेगी प्रकृति तुमको ,कमरों में बंद कर देगी,
तुम्हारे आविष्कारी वस्तुओं को ,मिथ्या सिद्ध कर देगी।

प्रकृति को करता नमन हूँ ,मानव को है सिखाना,
प्रकृति ही सब कुछ है ,इसे हर हाल में है बचाना।

पढ़िए :- कोरोना पर हिंदी में कविता “प्रकृति में मचाया है हाहाकार”


रचनाकार का परिचय

प्रभात पांडे

नाम : प्रभात पांडे
पिता का नाम : श्री शिव कुमार पांडे
पता : 121 बौद्ध नगर नौबस्ता कानपुर
व्यवसाय : विभागाध्यक्ष कंप्यूटर विभाग सेन डिग्री कॉलेज कानपुर

आपकी रचनाएं व लेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं पर प्रकाशित होते रहते हैं।

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2 thoughts on “हिंदी कविता कोरोना | Hindi Kavita Corona”

  1. Shyam bildani 'sadghi'

    Sach mein aaj hum apne sukh sudhiya ke aadh mein prakurti se khilwaad karke jo kush bi karte ja rahe hain,uska bayanak anjaam hum sab ko aage eshwar koi na koi roop mein jarur denga.eisliye samay ke pahele sudar jao.aur jaisa bhgwaan ne banaya hain,usme khush raho.jai hind jay bharat.✍️shyam bildani ‘sadhgi’☺

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