परिवार पर कविता :- यही अनमोल परिवार है

2+

आप पढ़ रहे हैं ( Parivar Kavita In Hindi ) परिवार पर कविता “यही अनमोल परिवार है” :-

परिवार पर कविता

परिवार पर कविता

कंधो पर जिम्मेदारी
अर्धांगिनी को ले साथ चले
साईकल के बहाने
एक दूजे की मुस्कान बने

अपनी गति के बराबर
संगिनी को साईकल बिठाया
आगे बढ़ाने हेतु
कभी पीछे से धकेला होगा
आज उसीके पीछे देखो
कैसे दौड़ लगाता आया

साईकल तो एक बहाना है
जन्मों का रिश्ता निभाना है
चलेंगे हम साथ अगर
तभी लगता सफर सुहाना है

मात-पिता की अठखेलियां
बच्चे की बनी हैं खुशियां
चलता इससे संसार है
यही अनमोल परिवार है।

पढ़िए :- पति-पत्नी पर भावनात्मक कविता “कौन किसको भाये”


सारिका अग्रवालयह कविता हमें भेजी है सारिका अग्रवाल जी ने जो कि बिरतामोड, नेपाल  में रहती हैं।

“ परिवार पर कविता ” ( Parivar Kavita In Hindi ) के बारे में कृपया अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे रचनाकार का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढ़ने का मौका मिले।

यदि आप भी रखते हैं लिखने का हुनर और चाहते हैं कि आपकी रचनाएँ हमारे ब्लॉग के जरिये लोगों तक पहुंचे तो लिख भेजिए अपनी रचनाएँ hindipyala@gmail.com पर या फिर हमारे व्हाट्सएप्प नंबर 9115672434 पर।

हम करेंगे आपकी प्रतिभाओं का सम्मान और देंगे आपको एक नया मंच।

धन्यवाद।

2+

Leave a Reply