हास्य कविता : कोरोना और आप | Hasya Kavita Corona

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कोरोना के समय में तनाव को कम करने और चेहरे पर मुस्कान लाने वाली हास्य कविता : कोरोना और आप –

हास्य कविता : कोरोना और आप

हास्य कविता : कोरोना और आप

आप इस धरती के सबसे शक्तिशाली जीव हैं,
ये बात आप अच्छी तरह से जानते हैं,
ये बात और है कि आपके परमशत्रु श्रीमान करोना
इस बात को कतई नहीं मानते हैं,

परन्तु ये सोच सोच कर भला क्यूँ रोना,
क्योंकि आपके रोने से तो नहीं हारेगा करोना,
कुछ दिन घर पर चैन से सो कर आप
जरूर इसे मुक्के मार सकते हैं,
और दो चार महीने घर से गुरिल्ला युद्ध कर
जीत को विचार सकते हैं,

अच्छा यही होगा कि प्रसाशन ने जो कहा,
उसे पूरी तरह मानें,
सड़कों पर बेवजह घूमने से जो बुरा होना है,
पहले उसे पहचानें,

दूसरी बात,
अफवाहें सुनने और सुनाने से आप करें परहेज़,
वर्ना सरकारी जमाई बन जाएंगे
और वो भी बिना दहेज,

आंखें बंद कर के वही करें,
जो प्रसाशन ने आपको सुझाया है,
प्रसाशन ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए
आपको बचाने का बीड़ा उठाया है,

सुझाया यही है कि
आपको अपने घर पर रहना है,
बार बार हाथ धोने के लिए
घर वालों को कहना है,

गलती से भी ये मत समझ लेना
कि क्या बिगाड़ लेगा एक विषाणु बौना,
ये बहुत बड़ा भयंकर बाहुबली है,
जो शक्ल से है नन्हा मुन्ना करोना,

ये आज तबाही मचाने पर उतारू है,
हर छोटे बड़े देश में,
लोगों का आना जाना बन्द कर डाला है
इसने विदेश में,

बेहतर है कि आप अपने खूबसूरत चेहरे को ढकें
और उंगली ना करें नाक में,
एक दूसरे से सामाजिक दूरी बनाएँ
नहीं तो मिल जाएंगे बहुत जल्दी ख़ाक में,

आपको कुछ नहीं होगा,
इस बात का मत करें अभिमान,
ऐसा सोचने से पहले अमेरिका के बारे में
बढ़ाइये अपना ज्ञान,

और फिर आपको करना ही क्या है,
अपने घर पर ही तो रहना है,
दो चार दिन में ही समझ जाएंगे कि
आपका परिवार ही आपका असली गहना है,

अगर आप शादीशुदा हैं तो
गुस्सा करने की छोड़िए गलतफहमी,
क्योंकि गुस्से के साथ ही
निकल जाएगी शरीर की गर्मी,

इससे आपके शरीर की
बीमारी से लड़ने की क्षमता हो जाएगी बेकार,
और आप श्रीमान करोना के लिए
बन जाएंगे एक योग्य शिकार,

शिकार होने से बचने के लिए
आपको लेना होगा पौष्टिक आहार,
गाजर, संतरा, टमाटर खाइए
और खाने में हरी मिर्च का अचार,

पौष्टिक आहार वाली बात को
यूँ ही मत समझ लीजिएगा कोई बात जाली,
ये पौष्टिक आहार ही आपको बना सकता है
कोरोना से ज्यादा शक्तिशाली,

और हाँ, राशन सामग्री का
मत लगाइए घर पर भंडार,
क्योंकि कीड़े मकोड़े लग गए तो
बैक्टीरिया का मिलेगा उपहार,

वायरसों से तो मान लिया,
बच जाएगी आपकी जान,
मगर बैक्टीरिया से कौन बचाएगा
आपको श्रीमान,

तो समझ लीजिए,
आपकी और आपके परिवार की भलाई है
प्रसाशन के साथ में,
और ये सब है आपके
अपने हाथ में।


डा. गुरमीत सिंहडा. गुरमीत सिंह खालसा कालेज, पटियाला ( पंजाब ) से गणित विषय में प्राध्यापक के पद आसीन हैं। आप मर्यादित और संजीदा भाव के धनी होने के साथ-साथ आप गुणीजनों और प्रबुद्धजीवी में से एक हैं। आप अपने जीवन के अति व्यस्ततम समय मे से कुछ वक्त निकाल कर, गीत और सँगीत के शौक के साथ रेख्ता, शेर-ओ-शायरी को अवश्य देते हैं। आपकी गणित विषय पर 25 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

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