कविता शिक्षक दिवस पर | Kavita Shikshak Diwas Par

5 सितम्बर को मनाये जाने वाले शिक्षक दिवस को सामर्पित कविता शिक्षक दिवस पर :-

कविता शिक्षक दिवस पर

कविता शिक्षक दिवस पर

दिशासूचक है जो संग रखता है अपने बुद्धिमानी
ऐसे महान शिक्षक गुरुओं को प्रणाम करती है मेरी वाणी ।

किया है हम पर जो उपकार नहीं कर सकती मै शब्दों में आभार ।
पिलाकर ज्ञान का अमृत दिया शब्दों का भंडार ।
नहीं कर सकती मै शब्दों में आभार ।

हमेशा सिखलाते प्रेम सरित व्यवहार बने दिव्य ज्योति से मेरे आधार ।
नहीं कर सकती मै शब्दों में आभार ।

दिखलाकर जीवन पथ का मार्ग मुझे खुशियां दे दी अपार ।
नहीं कर सकती मै …

हर पल देते हिम्मत साहस किया मेरे सपनो को साकार
नहीं कर सकती मै शब्दों में आभार

मात पिता गुरु से नहीं हो सकते हम उद्दार ।
नहीं कर सकती मै शब्दों में आभार ।


रचनाकार कर परिचय :-

अवस्थी कल्पनानाम – अवस्थी कल्पना
पता – इंद्रलोक हाइड्रिल कॉलोनी , कृष्णा नगर , लखनऊ
शिक्षा – एम. ए . बीएड . एम. एड

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