भारत देश पर हिंदी कविता | Bharat Desh Par Kavita In Hindi

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भारत की महिमा का गान करती हुयी हंसराज “हंस” जी की ( Bharat Desh Par Kavita In Hindi ) भारत देश पर हिंदी कविता :-

भारत देश पर हिंदी कविता

भारत देश पर हिंदी कविता

जहां पूजी जाती है नारी।
जहां बहती है सरिता प्यारी।
जिसके उत्तर मे है कन्याकुमारी।
दुनिया में जिसकी शोभा न्यारी।

वह है भारत देश हमारा।
हमको लगता है प्राणों से प्यारा।

जहां सोना उपजाती धरती माता।
सत्य का ज्ञान कराती गीतामाता।
जहां अविरल बहती गंगा माता।
जहां पूजी जाती है गौमाता।

ऐसा प्यारा भारत देश हमारा।
हमको लगता है प्राणों से प्यारा।

जहां भाषा धर्म है अनेक।
खान-पान वेशभूषा भी अनेक।
देवता, जाति, त्यौहार भी अनेक।
पर सब का संविधान है एक।

ऐसा है मेरा प्यारा भारत देश।
उसमें ही मेरा भी है प्रदेश।

प्रदेशों से मिलकर बना है देश।
नही मिलेगा कही भी ऐसा परिवेश।
धीरे-धीरे दुनिया में बनता जा रहा है विशेष।
ऐसा प्यारा मेरा भारत देश।

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“रचनाकार का परिचय

हंसराज "हंस"
हंसराज “हंस” जी गत 30 वर्षो से अध्यापन का कार्य करवा रहे है। शिक्षा मे नवाचारों के पक्षधर है। “हैप्पी बर्थडे” “गांव का अखबार” इनके शैक्षिक नवाचार है। शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशालाओं में संदर्भ व्यक्ति (रिसोर्स पर्सन) के रूप में 8-10 वर्षों का अनुभव रखते है। तात्कालिक मुद्दों, जयंतियों व सामाजिक कुरीतियों पर आलेख लिखते रहते। मौलिक लेख विभिन्न सामाजिक, धार्मिक व देश व प्रदेश की पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं। इसके साथ ही न्यूज पोर्टल व सोशल मीडिया के माध्यम से भी कई वेबीनारो व फेसबुक लाइव प्रसारण पर विभिन्न मंचों के माध्यम से अपने मौलिक विचारों का प्रकटीकरण करते रहते है। शिक्षक संगठन व सामाजिक संगठनों में विभिन्न दायित्वों का निर्वाह करते हुए निरंतर सामाजिक सुधारों की ओर अग्रसर है।

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